इंदौर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, टेलीग्राम से चल रहा था बेटिंग नेटवर्क, एक आरोपी गिरफ्तार
Indore Cyber Crime: इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया। टेलीग्राम के जरिए चल रहे नेटवर्क से नकदी, लैपटॉप, मोबाइल और ATM बरामद किए गए, एक आरोपी गिरफ्तार।
- Reported By: अंशुल मुकाती | Edited By: प्रीतेश जैन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Indore Online Betting Racket: इंदौर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राऊ थाना क्षेत्र में संचालित एक ऑनलाइन बेटिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान ऑनलाइन बेटिंग ऑपरेटर राहुल निम्बोला को गिरफ्तार किया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एक फ्लैट से इंटरनेट और कॉलिंग के माध्यम से ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहा था। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को जोड़कर सट्टेबाजी कराई जा रही थी।
टेलीग्राम आधारित पैनल से संचालित हो रहा था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर राऊ थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान मौके से 40,350 रुपये नकद, दो लैपटॉप, नौ स्मार्टफोन, सात एटीएम कार्ड और वाई-फाई उपकरण बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पूरा बेटिंग नेटवर्क टेलीग्राम आधारित पैनल के जरिए संचालित किया जा रहा था। आरोपी ग्राहकों को टेलीग्राम ग्रुप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से जोड़ता था तथा वहीं से उन्हें बेटिंग संबंधी जानकारी और निर्देश उपलब्ध कराए जाते थे।
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वर्चुअल बैंक खातों से हो रहे थे लेन-देन
जांच में यह भी आशंका जताई गई है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े आर्थिक लेन-देन वर्चुअल बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए किए जा रहे थे। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। इसके साथ ही बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और इसके तार किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।
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पूरे सिंडिकेट की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच से ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट के कई अन्य सदस्यों की पहचान हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
