इंदौर नगर निगम ड्रेनेज घोटाला : 90 करोड़ के घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
Indore Drainage Scam: इंदौर नगर निगम के बहुचर्चित ड्रेनेज घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सहायक यंत्री अभय राठौर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है
- Reported By: अंशुल मुकाती
इंदौर नगर निगम में हुआ था 90 करोड़ रुपये से अधिक का ड्रेनेज घोटाला (फोटो सोर्स - नवभारत)
Indore Drainage Scam: इंदौर नगर निगम में सामने आए बहुचर्चित ड्रेनेज घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम के पूर्व सहायक यंत्री अभय राठौर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वर्ष 2024 में उजागर हुए इस घोटाले में अब तक 90 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताओं के सबूत सामने आ चुके हैं। ईडी इस मामले में पहले ही छापामार कार्रवाई कर चुकी है, जिसके बाद 34 करोड़ की सम्पति अटैच की गयी थी, गिरफ्तार आरोपियों को स्पेशल कोर्ट ने तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है |
फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों का हुआ था भुगतान
घोटाले की जांच में सामने आया था कि घोटाले के मास्टरमाइंड पूर्व सहायक यंत्री अभय राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा ने ड्रेनेज कार्यों से संबंधित फाइलों में फर्जी दस्तावेज और बिल लगाकर करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त किया। आरोपियों ने पुराने कार्यों को नया दिखाकर और फर्जी वर्क ऑर्डर तैयार कर निगम से करोडो की राशि निकाली
2024 में हुआ था घोटाले का खुलासा
ड्रेनेज घोटाले का खुलासा वर्ष 2024 में हुआ था। मामले के सामने आने के बाद इंदौर के एमजी रोड थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की हेराफेरी के संकेत मिलने के बाद मामले की जांच ईडी ने अपने हाथ में ली और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की।
सम्बंधित ख़बरें
ग्वालियर में शर्मसार करने वाली वारदात: नाबालिग प्रेमिका से दुष्कर्म के बाद ढाई लाख में बेचा, आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में मौसम मेहरबान, लू की विदाई और बारिश की एंट्री से गिरा तापमान, आज 36 जिलों में अलर्ट
‘बार-बार जमानत मिल रही है…’, राजा रघुवंशी हत्याकांड की बरसी पर भाई विपिन ने दोहराई CBI जांच की मांग
इंदौर हनीट्रैप केस: आरोपी लाखन चौधरी को बड़ा झटका, कोर्ट ने रद्द की जमानत याचिका; जानें अदालत में क्या हुआ
34 करोड़ की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच
ईडी की जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों की पड़ताल की गई। एजेंसी अब तक करीब 34 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है। इसके अलावा कई ठिकानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
जांच के दौरान गायब हुई थीं कई फाइलें
घोटाले की शुरुआती जांच के दौरान नगर निगम से कई महत्वपूर्ण फाइलों के गायब होने की जानकारी भी सामने आई थी। एमजी रोड थाना पुलिस ने करीब 180 से अधिक फाइलों की जांच की थी, जिनमें बड़ी संख्या में वित्तीय अनियमितताएं और दस्तावेजी गड़बड़ियां पाई गई थीं।
यह भी पढें: ‘बार-बार जमानत मिल रही है…’, राजा रघुवंशी हत्याकांड की बरसी पर भाई विपिन ने दोहराई CBI जांच की मांग
