

Highlights:
इंदौर में क्राइम ब्रांच ने ससुर-दामाद को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस ने 254 ग्राम मेफेड्रोन और बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की।
आरोपी दशहरा और दिवाली पर ड्रग्स की खेप खपाने की तैयारी में थे।
गरबा पंडालों में आरोपियों की गतिविधियों को लेकर भी जांच की जा रही है।
पुलिस ड्रग्स सप्लायर और तस्करी नेटवर्क का पता लगा रही है।
Indore MD Drugs Smuggling Case : इंदौर में क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार में शामिल ससुर-दामाद की जोड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 254 ग्राम MD ड्रग्स और बिना नंबर की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, जब्त ड्रग्स की कीमत करीब 25 लाख 40 हजार रुपये है, जबकि कुल जब्ती की कीमत 26.40 लाख रुपये बताई गई है।
आरोपी दशहरा और दिवाली के दौरान ड्रग्स की खेप खपाने की तैयारी में थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी गरबा पंडालों में पहुंचकर नशे की सप्लाई करने की कोशिश तो नहीं कर रहे थे।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने 20 अक्टूबर को सुपर कॉरिडोर की सर्विस रोड पर मेट्रो पिलर नंबर 181 के पास कार्रवाई की। यहां से मंदसौर जिले के 28 वर्षीय समीर खान और उसके 58 वर्षीय ससुर जाकिर हुसैन को गिरफ्तार किया गया। समीर खान पिपलिया मंडी का रहने वाला है, जबकि जाकिर हुसैन सीतामऊ का निवासी है। तलाशी के दौरान दोनों के कब्जे से 254 ग्राम मेफेड्रोन यानी MD ड्रग्स और काले रंग की बिना नंबर वाली पल्सर मोटरसाइकिल बरामद हुई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दशहरा और दिवाली के दौरान ड्रग्स की खेप खपाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाकर गरबा पंडालों में पहुंचने का प्रयास करते थे या नहीं। आशंका है कि त्योहारों के दौरान आयोजनों में जुटने वाली भीड़ का फायदा उठाकर ड्रग्स की सप्लाई की जा सकती थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन आयोजनों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी।
इंदौर में ड्रग्स जब्त मामले में प्रारंभिक पूछताछ के मुताबिक, समीर खान आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उसके पिता की बाईपास सर्जरी में काफी खर्च हुआ था, जिसके बाद उस पर कर्ज हो गया। पुलिस के अनुसार, कर्ज चुकाने और जल्दी पैसा कमाने के लिए उसने कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी का रास्ता चुना। इस काम में उसके ससुर जाकिर हुसैन के भी शामिल होने का आरोप है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि तस्करी में उनकी भूमिका और कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
कार्रवाई के बाद क्राइम ब्रांच अब ड्रग्स सप्लाई करने वाले लोगों और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि MD ड्रग्स कहां से खरीदी गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, खरीद-फरोख्त के नेटवर्क और दूसरे जिलों से जुड़े संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।