नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण में कांग्रेस पार्षदों की नाराजगी आई सामने, कई पार्षदों ने बनाई दूरी

Congress Divided in Indore: इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी नाराजगी सामने आई। कई कांग्रेस पार्षद कार्यक्रम से दूर रहे।
Congress councillors attend the Opposition Leader charge-taking ceremony at Indore Municipal Corporation, while the absence of several councillors highlights internal dissent over Sonila Mimrot's appointment.
नगर निगम में आयोजित पदभार ग्रहण में सोनिला मिमरोट (फोटो सोर्से - नवभारत)
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Indore Congress Internal Politics: इंदौर नगर निगम में नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पार्षद शामिल नहीं हुए, जिससे संगठन के भीतर असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पार्षदों से रायशुमारी नहीं होने से बढ़ी नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से पहले कांग्रेस पार्षद दल से व्यापक रायशुमारी नहीं की गई। कई पार्षदों का मानना है कि निर्णय सर्वसम्मति से लेने के बजाय सीधे शीर्ष नेतृत्व स्तर पर किया गया, जिसके कारण नाराजगी देखने को मिल रही है। पदभार ग्रहण समारोह में कई वरिष्ठ और सक्रिय पार्षदों की अनुपस्थिति को इसी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है।

चिंटू चौकसे के दोहरे दायित्व के बाद लिया गया फैसला

बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे के पास शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष, दोनों जिम्मेदारियां थीं। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन और निगम में अलग-अलग नेतृत्व स्थापित करने के उद्देश्य से नेता प्रतिपक्ष का दायित्व सोनिला मिमरोट को सौंपा। हालांकि इस फैसले को लेकर पार्टी के भीतर सभी नेताओं और पार्षदों की सहमति नहीं बन सकी।

संगठन के सामने एकजुटता बनाए रखने की चुनौती

नगर निगम में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस के लिए यह स्थिति राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व अब नाराज पार्षदों को साधने और संगठन में एकजुटता बनाए रखने की कोशिश करेगा, ताकि इंदौर नगर निगम के मुद्दों पर विपक्ष मजबूती से अपनी भूमिका निभा सके।

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कांग्रेस पार्षदों की कम संख्या और नाराजगी से पार्टी में चिंता

इंदौर नगर निगम में कांग्रेस के पास पहले से ही पार्षदों की संख्या सीमित है। ऐसे में यदि पार्टी के भीतर ही असंतोष और गुटबाजी सामने आती है, तो विपक्ष की भूमिका और कमजोर पड़ सकती है। नेता प्रतिपक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में कई कांग्रेस पार्षदों की अनुपस्थिति ने यह संकेत दिया है कि संगठन के सामने केवल भाजपा का मुकाबला ही नहीं, बल्कि आंतरिक एकजुटता बनाए रखना भी बड़ी चुनौती है।

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