

Indore Bhagirathpura Contaminated Water : इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई मौतों के मामले में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं की टीम भागीरथपुरा पहुंची और दूषित पानी की त्रासदी में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान नेताओं ने पीड़ित परिवारों से चर्चा कर उन्हें जांच रिपोर्ट में सामने आई प्रमुख बातों की जानकारी दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जांच रिपोर्ट में दूषित जल से जुड़े कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। पार्टी नेताओं ने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर रिपोर्ट में सामने आई जानकारी साझा की और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस लड़ाई में कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी। नेताओं ने कहा कि जिन परिवारों ने इस त्रासदी में अपने परिजनों को खोया है, उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।
इंदौर कांग्रेस ने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब जिम्मेदार अधिकारियों और मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि पीड़ित परिवारों को केवल आश्वासन देने से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन से रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
कांग्रेस ने आने वाले दिनों में पीड़ित परिवारों को साथ लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी की है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए सरकार और प्रशासन से दूषित जल मामले में सामने आई लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस ने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इन परिवारों ने त्रासदी में अपने घर के सदस्यों को खोया है और उनके सामने भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में सरकार को प्रभावित परिवारों की आर्थिक जिम्मेदारी उठानी चाहिए और पर्याप्त मुआवजा देना चाहिए।
कांग्रेस ने प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी रखी है। पार्टी के अनुसार, मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को रोजगार मिलने से उनके भविष्य को आर्थिक सहारा मिल सकेगा। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
भागीरथपुरा दूषित जल मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद शहर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने मामले को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है और पीड़ित परिवारों को साथ लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब इस मामले में कांग्रेस के आंदोलन और सरकार-प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।