Exclusive: इंदौर में 51 मीटर के रामायण चित्रपट ने खींचा ध्यान, बिंदु दारा सिंह भी हुए प्रभावित, जानें खासियत

Bindu Dara Singh Indore Visit : इंदौर में 51 मीटर लंबा रामायण चित्रपट आकर्षण बना है। 54 प्रसंगों वाली इस कलाकृति को डॉ. सीमा अलावा ने तैयार किया है। बिंदु दारा सिंह ने इसकी तारीफ की है।
bindu dara singh interview
बिंदु दारा सिंह ने नवभारत लाइव से की बातचीतफोटो सोर्स- नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • इंदौर के अभय प्रशाल में ‘द हाट ऑफ आर्ट’ का 15वां सीजन आयोजित।

  • 51 मीटर लंबे रामायण चित्रपट में 54 प्रसंगों का चित्रण।

  • एक्टर बिंदु दारा सिंह ने मेहनत की तारीफ की।

  • पुलिस विभाग में कार्यरत डॉ. सीमा अलावा ने डेढ़ साल में किया तैयार।

51 Meter Ramayana Painting : इंदौर शहर के अभय प्रशाल ऑडिटोरियम में आयोजित कला प्रदर्शनी ‘द हाट ऑफ आर्ट’ का 15वां सीजन इन दिनों कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों की पेंटिंग्स, मूर्तियों और पारंपरिक कलाकृतियों के बीच 51 मीटर लंबा हस्तनिर्मित रामायण चित्रपट विशेष आकर्षण बना हुआ है।

रामायण के 54 प्रसंगों को समेटे इस विशाल कैनवास की बारीकियां दर्शकों को रुककर हर दृश्य देखने के लिए मजबूर कर रही हैं। पुलिस विभाग में एडिशनल डीसीपी के पद पर कार्यरत कलाकार डॉ. सीमा अलावा की पहल और डेढ़ साल की मेहनत से यह कलाकृति तैयार हुई है। अभिनेता बिंदु दारा सिंह भी इसे देखकर प्रभावित हुए और उन्होंने डॉ. सीमा अलावा के समर्पण की सराहना की।

51 मीटर के कैनवास पर उकेरे रामायण के 54 प्रसंग

इस रामायण चित्रपट की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल आकार और इसमें समाहित धार्मिक प्रसंग हैं। 51 मीटर लंबे हस्तनिर्मित कैनवास पर रामायण की 54 प्रमुख घटनाओं को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। इसमें राम मंदिर, ताड़का वध, सीता हरण, हनुमान जी, भरत मिलाप और रावण वध जैसे प्रसंग शामिल हैं। प्रत्येक दृश्य में पात्रों के भाव और घटनाओं की बारीकियों को इस तरह उकेरा गया है कि पूरी रामायण एक ही चित्रपट पर जीवंत नजर आती है।

बिंदु दारा सिंह ने की डेढ़ साल की मेहनत की सराहना

अभिनेता बिंदु दारा सिंह ने नवभारत लाइव से विशेष बातचीत में इस कलाकृति की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली के रेड फोर्ट में रामलीला का आयोजन समाप्त होने के बाद वे इंदौर पहुंचे हैं। वहां आयोजित रामलीला में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए थे। इंदौर में 51 मीटर लंबे रामायण चित्रपट को देखने के बाद वे इसकी भव्यता के साथ इसे तैयार करने के पीछे की मेहनत से भी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि डॉ. सीमा अलावा ने पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों के साथ डेढ़ साल तक मेहनत कर अपने सपने को साकार किया। रामायण के इतने सारे प्रसंगों को एक ही कैनवास पर जीवंत करना बड़ी उपलब्धि है।

रामायण के प्रसारण के समय बिजली कटौती नहीं करने की दी जाती थी चेतावनी

बातचीत के दौरान बिंदु दारा सिंह ने रामायण धारावाहिक से जुड़ी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने आनंद सागर की रामायण के दौर को याद करते हुए बताया कि उस समय बिजली कटौती आम थी, लेकिन रामायण देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह रहता था। धारावाहिक के प्रसारण के समय बिजली नहीं काटने की चेतावनी तक दी जाती थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में रामायण सिर्फ एक टीवी धारावाहिक नहीं थी, बल्कि लोगों की धार्मिक भावनाओं और पारिवारिक जीवन से जुड़ गई थी। आज भी रामायण के प्रसंग लोगों को उसी श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ते हैं।

डॉ. सीमा अलावा ने डेढ़ साल में साकार किया अपना सपना

डॉ. सीमा अलावा इंदौर में एडिशनल डीसीपी के पद पर कार्यरत हैं। उनके मुताबिक, यह चित्रपट तैयार करना केवल एक कला परियोजना नहीं, बल्कि लंबे समय से देखा गया सपना था। उनका उद्देश्य ऐसी विशाल और विशिष्ट कलाकृति तैयार करना था, जो अपनी लंबाई और प्रस्तुति के कारण अलग पहचान बनाए। इसके लिए उन्होंने करीब डेढ़ साल तक लगातार काम किया।

कलाकारों से फोन पर समझे प्रसंग

हर महीने कलाकारों से फोन पर चर्चा कर रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को समझा गया। प्रत्येक दृश्य की ऐतिहासिक, धार्मिक और भावनात्मक बारीकियों पर विचार करने के बाद उन्हें कैनवास पर उतारा गया। इस काम में कलाकार पवन निषाद और हर्ष जाटव ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

bindu dara singh interview
उज्जैन के खड़े हनुमान प्रतिमा की गहराई नापने पहुंची टीम, जांच के दौरान मशीनें हुईं बंद, लोग मान रहे चमत्कार

एक करोड़ रुपए आंकी गई कलाकृति की कीमत

51 मीटर लंबे इस रामायण चित्रपट की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई है। इसकी भव्यता और कलात्मक विशेषताओं के चलते इसे पहले दिल्ली में आयोजित फिल्म एक्सपो में भी प्रदर्शित किया जा चुका है। आईईए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इसे अपनी तरह की दुनिया की सबसे लंबी कलाकृति के रूप में मान्यता दी है। अब इंदौर के अभय प्रशाल में आयोजित प्रदर्शनी में यह कलाकृति देशभर से आए कलाकारों की रचनाओं के बीच विशेष आकर्षण बनी हुई है।