देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ी, इंदौर के MY अस्पताल में 2 ने तोड़ा दम

8 Workers Killed in Blast: देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। इंदौर के एमवाई अस्पताल में भर्ती कराए गए 2 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। अब भी कुछ मरीजों की हालत गंभीर है।
Dewas Firecracker Factory Blast
पटाखा फैक्ट्री (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Dewas Firecracker Factory Blast: देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई है। इंदौर के एमवाई अस्पताल में इलाज के दौरान दो गंभीर रूप से झुलसे मजदूर अजय और निरंजन की मौत हो गई है। ऐसे में हादसे में कुल मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दोनों की हालत शुरू से ही बेहद नाजुक थी और बर्न यूनिट में उनका इलाज चल रहा था।

इससे पहले सोमवार रात 20 वर्षीय राम नाम के एक अन्य मजदूर की भी मौत हो चुकी थी। शुरुआती दिनों में धीरज, सनी, सुमित, अमर और गुड्डू की मौत हो गई थी। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे और मदद का भरोसा दिलाया है। अधिकांश मृत और घायल मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए थे जो यहां काम की तलाश में पहुंचे थे।

बर्न यूनिट में 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी

एमवाई अस्पताल के बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की 24 घंटे शिफ्ट ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। वहीं विशाल (25 वर्ष) नाम के एक घायल मजदूर को सिर में गंभीर चोट आई थी। धमाके के दौरान वह काफी दूर जा गिरा था, जिससे खून का थक्का जम गया। उसकी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

चोइथराम में भी भर्ती हैं मरीज

चोइथराम अस्पताल में भर्ती चार घायलों में से तीन को सोमवार को छुट्टी दे दी गई। एक मरीज अभी भी भर्ती है, जिसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने उसे बुधवार तक डिस्चार्ज करने की योजना बनाई है।

कब और कैसे हुआ था हादसा?

14 मई को सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री रखे केमिकल के ड्रमों में विस्फोट हुआ था।  ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह से ढह गईं और आसपास के मकानों में भी कंपन महसूस किया गया। कई मजदूरों के कपड़े उनकी त्वचा से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर जले बाल, कपड़ों के टुकड़े और अन्य अवशेष बिखरे पड़े थे। इस हादसे में कुल 20 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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