दस्तावेजों की बाधा दूर, शिक्षा का खुला रास्ता: देवनगरी बस्ती के 40 से अधिक बच्चों का स्कूल में प्रवेश

Indore Administration News: इंदौर के देवनगरी बस्ती में जन्म प्रमाण पत्र, समग्र आईडी और आधार कार्ड जैसी दस्तावेजी बाधाओं को दूर कर प्रशासन ने 40 से अधिक बच्चों का शासकीय विद्यालय में प्रवेश कराया।
Indore Collector Shivam Verma interacts with children and facilitates school admission for over 40 students at Devanagari Government Primary School after a special documentation drive.
स्कुल में बच्चो के बीच इंदौर कलेक्टर शिवम् वर्मा (फोटो सोर्स - नवभारत )
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Indore Children Get School Admission: शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने की दिशा में इंदौर प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए देवनगरी बस्ती के 40 से अधिक बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराया। जन्म प्रमाण पत्र, समग्र आईडी और आधार कार्ड जैसी जरूरी दस्तावेजी बाधाओं को दूर करने के बाद शुक्रवार को कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं शासकीय प्राथमिक विद्यालय पहुंचे और बच्चों का विधिवत प्रवेश कराया। इस दौरान विद्यालय में भावनात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

जनसुनवाई से शुरू हुई पहल

कुछ समय पहले देवनगरी बस्ती के बच्चे अपने अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ता मोहित सिंह चौहान के साथ जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर को बताया था कि जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण समग्र आईडी, आधार कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं। इसी वजह से बच्चों का स्कूल में दाखिला भी नहीं हो पा रहा था।

विशेष शिविर में बने जरूरी दस्तावेज

मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बस्ती में दो दिवसीय विशेष शिविर लगाया गया। जिन बच्चों का जन्म घर पर हुआ था और जिनका रिकॉर्ड नगर निगम में दर्ज नहीं था, उनके जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए गए। इसके बाद समग्र आईडी, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज भी बनवाए गए। इस अभियान से 40 से अधिक बच्चों के शिक्षा का रास्ता साफ हो गया।

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बच्चों के बीच पहुंचे कलेक्टर

शुक्रवार को कलेक्टर शिवम वर्मा विद्यालय पहुंचे, बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केवल दस्तावेजों के अभाव में किसी भी बच्चे की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। यदि ऐसे अन्य मामले सामने आते हैं तो प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज बनवाकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ेगा।

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