

Kailash Vijayvargiya On Sealing Action Bhopal: भोपाल में चल रही सीलिंग कार्रवाई को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस कार्रवाई से राजधानी के व्यापारी वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विजयवर्गीय ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और ऐसा रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे व्यापारियों और आम लोगों को किसी प्रकार का नुकसान न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार व्यापारियों की समस्याओं को समझती है और उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि नगरीय प्रशासन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी फिलहाल दिल्ली में मौजूद हैं। वहां इस पूरे मामले पर उच्चतम वकीलों और कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा की जा रही है। सरकार कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर ऐसा समाधान तलाशने में जुटी है, जिससे नियमों का पालन भी हो और भोपाल के नागरिकों तथा व्यापारियों को राहत भी मिल सके। विजयवर्गीय के इस बयान को सीलिंग कार्रवाई से प्रभावित लोगों के लिए राहत भरे संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर भी सरकार के स्तर पर चर्चा जारी है और इस विषय पर जल्द ही महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। सीलिंग कार्रवाई के बीच मास्टर प्लान को लेकर होने वाली यह कवायद काफी अहम मानी जा रही है। वहीं भाजपा के सेवा संकल्प अभियान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरे मध्य प्रदेश में चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर के अवसर पर पार्टी की योजना है कि प्रदेश के प्रत्येक बूथ पर कम से कम 100 दीप जलाए जाएं, ताकि सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाया जा सके।
राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे पर विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस जिस स्टेडियम में कार्यक्रम करना चाहती है, वहां राजनीतिक रैलियों की अनुमति हाईकोर्ट के आदेश के कारण नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्देशों का पालन सभी को करना होगा। वहीं राम मंदिर में विशेष कर्तव्य अधिकारी के बदलाव को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी उन्होंने पलटवार किया। विजयवर्गीय ने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी राम मंदिर आंदोलन के विरोध में रहे हैं, इसलिए उन्हें इस विषय पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।