Gwalior News: पिकनिक मनाने गए थे दोस्त, तिघरा डैम में डूबे दो मेडिकल कॉलेज के छात्र; 18 घंटे बाद मिला दूसरा शव

Gwalior News: ग्वालियर के तिघरा डैम में पैर फिसलने से गजराराजा मेडिकल कॉलेज के 2 MBBS छात्रों की डूबने से मौत, प्रतिबंधित क्षेत्र में गए थे घूमने, परिसर में शोक।
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तिघरा डैम में डूबे दो दोस्त (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gwalior Tighra Dam MBBS Student Drowning: ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) के एमबीबीएस सेकंड ईयर के दो छात्रों की तिघरा डैम में डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम दोस्तों के साथ घूमने गए दोनों छात्र गहरे पानी में समा गए थे। प्रशासन, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने कई घंटों के सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए। इस दर्दनाक हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक की लहर फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं का एक समूह शनिवार शाम तिघरा डैम घूमने पहुंचा था। समूह में चार छात्र और चार छात्राएं शामिल थीं। सभी बोट क्लब से करीब तीन किलोमीटर दूर 'कच्ची पार' क्षेत्र में चले गए, जहां आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध है।

पथरीले किनारे पर अचानक फिसला पैर

शाम करीब 7 बजे एमबीबीएस छात्र आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी के पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पथरीले किनारे पर अचानक उनका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों सीधे गहरे पानी में चले गए। जब काफी देर तक दोनों वापस नहीं लौटे तो उनके साथियों ने तलाश शुरू की। डैम किनारे दोनों छात्रों के कपड़े और जूते व्यवस्थित तरीके से रखे मिले, जिसके बाद अनहोनी की आशंका बढ़ गई और पुलिस को सूचना दी गई।

रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही सीएसपी कृष्णपाल सिंह के नेतृत्व में ग्वालियर पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन में गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया। वहीं दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव की तलाश रविवार दोपहर तक जारी रही। करीब 50 फीट गहराई में पत्थरों और झाड़ियों के बीच फंसा आयुष का शव रविवार दोपहर करीब 2 बजे मिला। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को सूचना दी गई। घटना के बाद दोनों परिवार ग्वालियर पहुंच गए हैं।

डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया

मृतक गोपाल अग्रवाल सागर जिले के बीना के रहने वाले थे। परिवार के अनुसार वह पढ़ाई में बेहद मेधावी थे और वर्ष 2024 में पहली ही कोशिश में नीट परीक्षा पास कर ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाले गोपाल की पढ़ाई का खर्च उनके बड़े भाई उठा रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह डॉक्टर बनकर घर की जिम्मेदारियों में सहयोग करेगा, लेकिन हादसे ने सभी सपने तोड़ दिए।

वहीं आयुष श्रीवास्तव बिहार के मुजफ्फरपुर (बिहार) के निवासी थे और एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान ने दो होनहार छात्रों को खो दिया है। यह क्षति न केवल कॉलेज बल्कि दोनों परिवारों के लिए भी अपूरणीय है।

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