

Dabra Police Constable Suicide Case: ग्वालियर जिले के डबरा सिटी थाने में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक ने अपने सरकारी आवास पर देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसडीओपी सहित तमाम आला अधिकारी और फॉरेंसिक टीम रात में ही मौके पर पहुंच गई और मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू की।
मृतक आरक्षक की पहचान राघवेंद्र तोमर के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मुरैना जिले के पोरसा के रहने वाले थे। राघवेंद्र पिछले करीब एक साल से डबरा सिटी थाने में तैनात थे। शुक्रवार की देर रात करीब 9 बजे उन्होंने थाने के पीछे बने अपने सरकारी आवास में रस्सी का फंदा लगाया और उस पर झूल गए।
दिल दहला देने वाली बात यह है कि फांसी लगाने से ठीक पहले राघवेंद्र ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया था। उन्होंने पत्नी को फंदा दिखाया और आखिरी बार 'बाय-बाय' करते हुए कॉल काट दिया।वीडियो कॉल कटने के बाद अनहोनी की आशंका में आरक्षक के भाई मोनू ने उन्हें फोन किया, लेकिन राघवेंद्र ने काफी समय तक कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद भाई मोनू ने डबरा थाने में ही तैनात राघवेंद्र के साथी आरक्षक मिंटू परिहार को फोन लगाया और पूरी बात बताई। मिंटू तुरंत थाने से निकलकर पीछे बने सरकारी आवास पर पहुंचा, तो वहां राघवेंद्र फांसी के फंदे पर लटके हुए मिले।
खुदकुशी के मामले की जानकारी लगते ही SDOP सौरभ कुमार और ASP जयराज कुबेर मौके पर पहुंचे। शासकीय निवास के गेट के ऊपर लगे कुंदे से आरक्षक का शव लटका हुआ था। मौके पर पहुंची FSL टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, जिसके बाद शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक राघवेंद्र तोमर को विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं। इस घटना के बाद से परिवार और पुलिस विभाग में शोक की लहर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच आने के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का पता चल सकेगा।