ग्वालियर में IAS पी. नरहरि के नाम पर साइबर ठगी; फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रिटायर्ड इंजीनियर से 1.60 लाख ऐंठे

Cyber Fraud Case Gwalior: ग्वालियर में IAS अफसर के नाम पर फर्जी FB आईडी बनाकर साइबर ठगी! सिंचाई विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर को 5 लाख का फर्नीचर 95 हजार में दिलाने का झांसा देकर 1.60 लाख रुपये ऐंठे।
cyber fraud using P Narhari IAS name
साइबर फ्रॉड केस ग्वालियर (सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज)
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Cyber Fraud Using P Narhari IAS Name Gwalior: ग्वालियर में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने आईएएस अधिकारी पी. नरहरि के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर सिंचाई विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर को अपने जाल में फंसा लिया।

आरोपी ने खुद को आईएएस अधिकारी का परिचित बताकर फर्नीचर सस्ते में दिलाने का झांसा दिया और अलग-अलग किस्तों में करीब 1.60 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए।

फेसबुक पर आईएएस अधिकारी के नाम से भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट

मुरार इलाके में रहने वाले मैथिली शरण गुप्ता ने साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत पुलिस को दी है। उनके मुताबिक, 18 सितंबर को उन्हें आईएएस पी. नरहरि के नाम से बनी फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। उन्होंने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद कथित आईएएस ने उनका मोबाइल नंबर लिया और सुमित कुमार नाम के एक व्यक्ति का नंबर भेजा। उसे अपना दोस्त और सीआरपीएफ कमांडेंट बताया गया। आरोपी ने कहा कि तबादला होने के कारण सुमित ग्वालियर में अपना सामान बेचना चाहता है।

पांच लाख का फर्नीचर 95 हजार में देने का झांसा

इसके बाद सुमित ने गुप्ता के व्हाट्सएप पर फर्नीचर की तस्वीरें भेजीं। फर्नीचर पसंद आने पर करीब पांच लाख रुपए का सामान केवल 95 हजार रुपए में देने की बात कही गई। गुप्ता आरोपी के झांसे में आ गए और उसके बताए बैंक खाते में 95 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद सामान बाहर निकालने और अन्य प्रक्रिया के नाम पर उनसे 61,500 रुपए और ले लिए गए। इस तरह आरोपी ने कुल करीब 1.60 लाख रुपए ऐंठ लिए, लेकिन फर्नीचर नहीं भेजा।

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तीसरी बार 88 हजार मांगने पर हुआ शक

आरोपियों ने जब गुप्ता से तीसरी बार 88 हजार रुपए की मांग की तो उन्हें ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने आईएएस पी. नरहरि से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। नरहरि ने उनसे संबंधित फोटो और वीडियो मांगे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। ठगी का खुलासा होते ही आरोपी ने व्हाट्सएप से फोटो और मैसेज डिलीट कर दिए और बातचीत बंद कर दी।

ग्वालियर पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की सीडीआर व तकनीकी जानकारी जुटा रही है, जिनका इस्तेमाल रकम ट्रांसफर कराने में किया गया। पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है।

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