Navbharat Ground Report: ग्वालियर में एक पेड़ मां के नाम अभियान की जमीनी हकीकत, 55 दिन बाद ही सूख गए 60% पौधे

Gwalior Plantation Drive: ग्वालियर के रमौआ में एक पेड़ मां के नाम के तहत लगाए गए करीब 5 हजार पौधों में 55 दिन बाद 60% पौधे खत्म हो गए हैं। बोरिंग चालू नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
Gwalior Ramoa plantation site showing empty pits after Ek Pedh Maa Ke Naam campaign
अभियान के बाद 60% पौधे सूख गएफोटो सोर्स- नवभारत
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Gwalior Ek Pedh Maa Ke Naam Campaign : ग्वालियर के रमौआ इलाके में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर किया गया पौधारोपण 55 दिन बाद सवालों के घेरे में है। करीब 5 हजार पौधे लगाए गए थे और यहां ग्रीन बेल्ट विकसित करने का संकल्प लिया गया था। लेकिन अब मौके पर बड़ी संख्या में खाली गड्ढे नजर आ रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक करीब 60 प्रतिशत पौधे खत्म हो चुके हैं।

रमौआ की जमीन पर करीब 55 दिन पहले जनप्रतिनिधियों और आईएएस अधिकारियों की मौजूदगी में पौधारोपण किया गया था। अभियान के दौरान आम, जामुन, अमरूद, कटहल, बरगद और पीपल समेत कई प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे। इन पौधों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए तारों की घेराबंदी भी की गई थी।

55 दिन बाद कई गड्ढे खाली, सुरक्षा घेरा भी टूटा

एक पेड़ मां के नाम अभियान के करीब दो महीने बाद मौके की स्थिति अलग तस्वीर दिखा रही है। बड़ी संख्या में गड्ढों में पौधे नजर नहीं आ रहे हैं। कई जगह पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए तारों के घेरे टूटे पड़े हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर पॉलिथीन और कचरा भी दिखाई दे रहा है। जिस जमीन को हरियाली से भरने का लक्ष्य था, वहां अब खाली गड्ढे अभियान की जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

बोरिंग हुई, लेकिन 55 दिन बाद भी पानी नहीं पहुंचा

पौधों की सिंचाई के लिए बोरिंग कराई गई थी, लेकिन अभियान के करीब 55 दिन बाद भी बोरिंग चालू नहीं हो सकी। पानी की व्यवस्था नहीं होने से पौधों को पर्याप्त सिंचाई नहीं मिल पाई। इसके चलते बड़ी संख्या में पौधे सूख गए। अभियान के दौरान पौधों को बचाने के लिए किए गए इंतजामों के बावजूद नियमित पानी नहीं मिलना सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया।

आयुक्त बोले- 40 प्रतिशत पौधे ही बचे

ग्वालियर के आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर के मुताबिक रमौआ की जमीन पर लगाए गए करीब 40 प्रतिशत पौधे ही अब बचे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 60 प्रतिशत पौधे पानी नहीं मिलने के कारण खत्म हो गए। हालांकि, आयुक्त का कहना है कि ग्वालियर के अन्य स्थानों पर अभियान के तहत लगाए गए कई पौधे अभी भी सुरक्षित हैं।

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अभियान के दावे और जमीनी हकीकत पर सवाल

ग्वालियर जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पौधों को सहेजकर ग्रीन बेल्ट विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन रमौआ में 55 दिन बाद बड़ी संख्या में पौधों का खत्म होना और सिंचाई व्यवस्था का अब तक शुरू नहीं होना अभियान की मॉनिटरिंग और पौधों की देखभाल पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन बाकी बचे पौधों को बचाने और खाली गड्ढों में दोबारा पौधारोपण के लिए क्या कदम उठाता है।

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