भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी फरार घोषित, गैरहाजिर रहने के चलते कोर्ट ने जारी किया स्थायी वारंट

Gwalior Court News : ग्वालियर की एससी-एसटी विशेष अदालत ने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी को लगातार गैरहाजिरी के चलते फरार घोषित किया है। कोर्ट ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
Dinesh Lodhi Arrest Warrant
प्रीतम लोधी और दिनेश लोधी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Dinesh Lodhi Arrest Warrant: मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में एक बड़ी खबर सामने आई है। ग्वालियर की एससी-एसटी (SC-ST) विशेष अदालत ने भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें फरार घोषित कर दिया है। लगातार कोर्ट की कार्यवाही से नदारद रहने के कारण अदालत ने यह कठोर कदम उठाया है।

विशेष अदालत ने आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके साथ ही, अदालत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए केस डायरी पर लाल स्याही से स्पष्ट रूप से आरोपी फरार है दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस के लिए आरोपी को किसी भी हाल में गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश करना अनिवार्य हो गया है।

पुरानी छावनी थाने में दर्ज है एससी-एसटी एक्ट का मामला

यह पूरा मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ यहां एससी-एसटी एक्ट (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज है।

2023 से लगातार चल रहा था गैरहाजिर

ग्वालियर कोर्ट की इस बड़ी कार्रवाई के पीछे आरोपी का लगातार कानून से भागना बताया जा रहा है। मामले में 28 दिसंबर 2023 को आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ पहली बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस उसे ढूंढने में नाकाम रही और आरोपी लगातार अदालती तारीखों से गैरहाजिर रहा। अंततः कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया।

पिछोर कांड के बाद से चर्चा में है विधायक पुत्र

गौरतलब है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह हाल ही में शिवपुरी जिले के पिछोर में अपनी थार गाड़ी से एक व्यक्ति को कुचलने के प्रयास के मामले में भी काफी सुर्खियों और विवादों में आया था। अब ग्वालियर कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद विपक्षी दलों को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है, वहीं पुलिस प्रशासन पर भी सत्ताधारी विधायक के बेटे को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का भारी दबाव बन गया है।

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