

Fire Rescue Machine Unused For 7 Years Gwalior: ग्वालियर शहर में ऊंची इमारतों में आग या किसी बड़े हादसे के दौरान लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नगर निगम ने करीब 5 करोड़ रुपये की हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म फायर रेस्क्यू मशीन खरीदी थी।
यह मशीन 52 मीटर तक की ऊंचाई पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करने में सक्षम है लेकिन करीब सात साल बाद भी इसका अपेक्षित उपयोग नहीं हो पा रहा है। करोड़ों रुपये की यह मशीन फिलहाल फायर विभाग के गैरेज में खड़ी है।
दरअसल, ग्वालियर में लगातार ऊंची इमारतों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में आगजनी या किसी बड़े हादसे के दौरान ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को बचाने के लिए आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की जरूरत है। इसी उद्देश्य से नगर निगम ने वर्ष 2019 में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म फायर रेस्क्यू मशीन की खरीदी की थी। मशीन की क्षमता 52 मीटर तक बताई गई है जिससे ऊंची इमारतों में फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालने में मदद मिल सकती है।
अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि मशीन को संचालित करने के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित ड्राइवर और ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद मशीन का इस्तेमाल नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है।
वहीं, मशीन के लंबे समय तक गैरेज में खड़े रहने से उसके रखरखाव और खराब होने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। समय-समय पर ग्वालियर शहर नगर निगम की ओर से मेंटेनेंस के नाम पर मशीन को दुरुस्त कराया जाता है। सवाल यह है कि जब मशीन का पर्याप्त संचालन ही नहीं हो रहा तो आखिर ऐसी कौन-सी तकनीकी खराबियां सामने आ रही हैं जिनके लिए बार-बार मेंटेनेंस की जरूरत पड़ रही है?
करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से खरीदी गई यह मशीन यदि आपात स्थिति में ही इस्तेमाल नहीं हो पाए तो इसकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जरूरत है कि नगर निगम मशीन के संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की व्यवस्था करे नियमित मॉक ड्रिल कराए और यह सुनिश्चित करे कि किसी बड़े हादसे के समय यह मशीन गैरेज में खड़ी न रहे बल्कि तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल हो सके।