

Highlights:
डिंडोरी में दशहरा पर भंडारा लगाने से रोकने का कांग्रेस ने लगाया आरोप।
भाजपा कार्यालय के सामने पिछले 10 साल से भंडारा होने का दावा।
कांग्रेस नेता शिवराज सिंह ठाकुर के नेतृत्व में शंकर घाट पर सद्बुद्धि यज्ञ।
कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ घर-घर जाकर प्रचार करने की बात कही।
भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने गाड़ी पार्किंग की जगह नहीं होने का हवाला देकर दी सफाई।
Dindori BJP District President Bhandara Controversy : दशहरा पर भाजपा कार्यालय के सामने भंडारा लगाने से समाजसेवियों को रोकने के आरोप को लेकर डिंडोरी में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम के खिलाफ नर्मदा नदी के किनारे शंकर घाट पर सद्बुद्धि यज्ञ किया। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष ने आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कार्यालय के बाहर भीड़ के कारण गाड़ियां खड़ी करने की जगह नहीं रहती और कांग्रेस बेवजह इस मामले को मुद्दा बना रही है।
डिंडोरी नगर में दशहरा पर्व के दौरान रावण दहन और चल समारोह देखने के लिए दूर-दूर से ग्रामीण पहुंचते हैं। इस दौरान समाजसेवियों और समितियों की ओर से कई वर्षों से भंडारे का आयोजन किया जाता रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यालय के सामने भी पिछले 10 साल से समाजसेवी भंडारा लगाते आ रहे थे, लेकिन इस बार भाजपा जिला अध्यक्ष ने उन्हें आयोजन करने से रोका और वहां से हटवा दिया।
जिला कांग्रेस नेता शिवराज सिंह ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के शंकर घाट पर नर्मदा नदी के किनारे सद्बुद्धि यज्ञ किया। कांग्रेस ने यह यज्ञ भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम और उनकी पार्टी के खिलाफ किया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता शिवराज सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि इस घटना से भाजपा का सनातन विरोधी चेहरा बेनकाब हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी डिंडोरी नगर के घर-घर जाकर लोगों को भाजपा नेताओं के इस रवैये के बारे में बताएगी और उनकी पोल खोलेगी। भंडारे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि ऐसा कोई विषय नहीं था। दशहरा के दौरान भाजपा कार्यालय में भीड़ रहती है और कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ियां भी आती हैं। ऐसे में गाड़ियां खड़ी करने के लिए जगह नहीं बचती। उन्होंने कहा कि समाजसेवियों से केवल इतना कहा गया था कि वे एक बार पूछ लें कि भंडारा लगाना है या नहीं।
चमरू सिंह नेताम ने कहा कि उनकी ऐसी कोई मानसिकता नहीं है कि समाजसेवियों को भंडारा करने से रोका जाए। उन्होंने कांग्रेस पर बेवजह मामले को मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। फिलहाल, दशहरा पर भंडारे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद डिंडोरी जिले में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।