भगवान राम के शरण में कांग्रेस! अयोध्या में रामलला का दर्शन करेंगे दिग्विजय सिंह, क्या बदल रहा सियासी समीकरण?

Digvijay Singh: राम मंदिर के निर्माण के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की यह पहली अयोध्या यात्रा होगी। भोपाल स्थित उनके कार्यालय ने इस खबर की पुष्टि करते हुए विशेष जानकारी दी है।
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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Digvijay Singh Ayodhya Ram Mandir Visit: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह 26 मार्च को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का दौरा करेंगे। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या की यह उनकी पहली यात्रा होगी। भोपाल स्थित दिग्विजय के कार्यालय ने इस खबर की पुष्टि करते हुए समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि वह 26 मार्च की सुबह एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली से अयोध्या के लिए रवाना होंगे। अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वह सड़क मार्ग से लखनऊ जाएंगे।

यह पुष्टि नहीं हो सकी कि उनकी पत्नी अमृता राय इस यात्रा के दौरान उनके साथ होंगी या नहीं। उनके कार्यालय ने कहा कि उनके अकेले यात्रा करने की संभावना है। साल 2021 में, दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए 1,11,111 रुपये का दान दिया था। उन्होंने यह चेक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम से भेजा था।

'अपना वादा पूरा करने आ रहे हैं'

उन्होंने यह भी कहा था कि मंदिर के पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाने के बाद वे प्रार्थना करने अवश्य आएंगे। उनके कार्यालय ने कहा कि मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए वे अपना वादा पूरा करने के लिए आ रहे हैं। इसी बीच, भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मैं उनसे राम मंदिर की अपनी यात्रा के दौरान अनुरोध करूंगा कि वे 1992 में गोलियों का सामना करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें।

दिग्विजय की यात्रा पर सियासत तेज

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर देश के राजनीतिक नेतृत्व ने इस वास्तविकता को पहले ही समझ लिया होता तो अयोध्या में राम मंदिर कई साल पहले ही बन चुका होता। रामेश्वर शर्मा ने आगे कहा कि आज जब आप उसी रामलला की पूजा कर रहे हैं, जिसे आपकी पार्टी ने कभी एक काल्पनिक व्यक्ति कहकर खारिज कर दिया था, तो यह स्वीकार करें कि रामलला कल्पना की उपज नहीं, बल्कि एक जीवंत वास्तविकता हैं।

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