

Pandokhar Dham Peethadhishwar Statement: वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सामने आने के बाद अब पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने जांच में सहयोग की पेशकश की है।
उन्होंने कहा कि आश्रम प्रबंधन, पुलिस अधिकारी या मृतक के परिजन चाहें तो पण्डोखर सरकार के दिव्य दरबार के माध्यम से घटना की परिस्थितियों को समझने में सहयोग किया जा सकता है। फिलहाल मामले की पुलिस जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद दीपक लोधी की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। परिस्थितियों को संदिग्ध बताया जा रहा है और पुलिस घटना के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने कहा कि यदि आश्रम प्रबंधन या जांच एजेंसी के अधिकृत अधिकारी घटना से जुड़ी जानकारी लेना चाहें, तो वे दिव्य दरबार के माध्यम से पुलिस को जांच के निष्कर्ष तक पहुंचने में सहयोग का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को भी पण्डोखर सरकार के दरबार में आने का आमंत्रण दिया है।
गुरुशरण महाराज के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने में मदद करना, जिम्मेदार तत्वों तक पहुंचने में पुलिस का सहयोग करना और किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसने से बचाना है। हालांकि, घटना को लेकर किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना जरूरी है।
गुरुशरण महाराज ने उन कथित सिद्ध पुरुषों और भविष्यवक्ताओं को भी चुनौती दी, जो आध्यात्मिक शक्तियों के जरिए भूत, भविष्य और वर्तमान बताने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे लोग अपनी आध्यात्मिक शक्तियों का दावा करते हैं, तो उन्हें भी इस घटना की वास्तविक परिस्थितियों को उजागर कर अपनी कथित सिद्धियों का प्रमाण देना चाहिए। फिलहाल पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।