2 महीने तक कोमा में रहने के बाद 7 साल के बच्चे की मौत, टीचर पर स्केल से पीटने का आरोप

Student Death After Beating: दमोह में 7 वर्षीय स्कूल छात्र की 2 महीने तक कोमा में रहने के बाद मौत हो गई है। परिजनों ने स्कूल टीचर पर स्केल से पीटने और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
Damoh Student Death Case
मृतक छात्र (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Damoh Student Death Case: दमोह जिले में एक निजी स्कूल के 7 वर्षीय छात्र की इलाज के दौरान मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। मृतक छात्र काव्य नामदेव तेंदूखेड़ा क्षेत्र का रहने वाला था और आईईएस पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र था।

परिजनों का आरोप है कि होमवर्क पूरा न करने पर स्कूल की शिक्षिका ने बच्चे की बेरहमी से पिटाई की थी। परिजनों के मुताबिक 19 फरवरी को शिक्षिका ने काव्य के हाथ, पैर और सिर पर स्केल से मारपीट की, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।

जबलपुर और भोपाल में चला इलाज

बच्चे को तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर भोपाल के चिरायु अस्पताल रेफर किया गया। बाद में इलाज जबलपुर और फिर भोपाल एम्स में चला, जहां दो महीने तक कोमा में रहने के बाद शुक्रवार शाम उसकी मौत हो गई।

मारेंगे नहीं तो बच्चा कैसे पढ़ेगा?

परिजनों का आरोप है कि एमआरआई रिपोर्ट में बच्चे के सिर में सूजन की पुष्टि हुई थी। परिवार का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद पुलिस और प्रशासन स्तर पर कार्रवाई में देरी हुई और एफआईआर में आरोपियों के नाम भी बदल दिए गए। मृतक के मामा ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में सही नाम दर्ज नहीं किए गए और बार-बार शिकायत के बावजूद जांच नहीं हुई। वहीं, मौसी ने बताया कि स्कूल में शिकायत करने पर शिक्षिका ने यह भी कहा था कि 'अगर बच्चों को नहीं मारेंगे तो वे पढ़ेंगे कैसे?'

जांच के लिए SIT गठित

इधर स्कूल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा है कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित शिक्षिका को नौकरी से हटा दिया गया था और बच्चे के इलाज में आर्थिक सहायता भी दी गई थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और परिजन सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कोतवाली टीआई के अनुसार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और SIT भी गठित की गई है।

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