बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में सरपंच ने पीया कीटनाशक, पंचायत में भ्रष्टाचार और धमकी के लगाए आरोप

Burhanpur Collector Office : बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में ग्राम सीतापुर के सरपंच ने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया। सरपंच ने पंचायत में भ्रष्टाचार और धमकियों के आरोप लगाए। मामले की जांच जारी है।
Burhanpur Collector Office Sarpanch Poison
बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में सरपंच ने पीया कीटनाशक(फोटो सोर्स- नवभारत)
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Burhanpur Sarpanch Poison Incident: बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्राम सीतापुर के सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने कीटनाशक पी लिया। घटना के बाद कलेक्टर कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।

जानकारी के मुताबिक ग्राम सीतापुर के सरपंच अमर सिंह मंडलोई अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। सरपंच का आरोप है कि पंचायत में भ्रष्टाचार हुआ है और जब उन्होंने इसकी जानकारी उजागर करने का प्रयास किया तो उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। उनका कहना है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया।

सचिव, सहायक सचिव और विधायक का नाम लेकर लगाए आरोप

सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने पंचायत सचिव तुकाराम, सहायक सचिव प्रजापति और नेपानगर विधायक मंजू दादू का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार को सामने आने से रोकने के लिए उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जान से मारने की धमकी तक मिली। हालांकि सरपंच द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

अस्पताल में भर्ती, प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना के तुरंत बाद मौजूद लोगों और अधिकारियों ने सरपंच को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

घटना के बाद कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अजय रघुवंशी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि जिले में भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति का माहौल है, जिसके कारण जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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