लोकायुक्त पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उमंग सिंघार का भाजपा सरकार पर हमला, पूछा- कौन सी संस्था बची है अब...

Congress Attack BJP: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकायुक्त में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से सवाल भी पूछे हैं।
Umang Singhar Corruption Allegation
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Umang Singhar Corruption Allegation: मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाली एजेंसी लोकायुक्त पर ही गंभीर आरोप लग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले में डीएसपी स्तर तक की भूमिका, वॉयस सैंपल, ट्रांसक्रिप्ट, जांच रिपोर्ट और केस को प्रभावित करने के लिए लाखों रुपये के कथित लेनदेन जैसी बातें सामने आई हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।

लोकायुक्त खुद भ्रष्टाचार में लिप्त

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोकायुक्त जैसी संस्था के भीतर ही रिश्वतखोरी और सौदेबाजी का नेटवर्क सक्रिय होने के आरोप लग रहे हों, तब आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता और जनता के विश्वास से जुड़ा हुआ है।

पहले केवल घोटाले होते थे और अब...

सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि उनकी सरकार में आखिर कौन-सी संस्था ऐसी बची है जो भ्रष्टाचार से अछूती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले केवल घोटाले होते थे, लेकिन अब घोटालों की जांच भी कथित तौर पर सौदेबाजी से प्रभावित होने लगी है।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि भ्रष्टाचारियों को पकड़ने वाली एजेंसी के भीतर ही भ्रष्टाचार पनप रहा है तो यह भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि जनता का विश्वास शासन और जांच एजेंसियों पर बना रहे।

सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

हालांकि, इस मामले को लेकर राज्य सरकार या लोकायुक्त संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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