भोपाल स्पेशल कोर्ट का बड़ा फैसला, किसान की 4 एकड़ जमीन ₹40 हजार में बेचने वाले बैंक अफसरों को 3-3 साल की जेल

Bhopal News: विशेष अदालत ने ग्राम अगरिया के एक किसान की 4.34 एकड़ कृषि भूमि को नियमों के विरुद्ध मात्र ₹40 हजार में नीलाम करने के मामले में 4 आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।
Bhopal Special Court Sentences Four Bank Officials To Three Years Jail In 21 Year Old Farmer Land Auction Corruption Case
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- एआई जनरेटेड)
Published on
Updated on

Bhopal Corruption Special Court Verdict: भोपाल में किसान की कृषि भूमि को नियमों के विपरीत बेहद कम कीमत पर नीलाम करने के 21 साल पुराने भ्रष्टाचार मामले में स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने बैंक अधिकारियों सहित चार आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है।

यह मामला भोपाल के ग्राम अगरिया का है, जहां किसान गिलेडबिन सहाय ने वर्ष 1974 में खेती के लिए 18 हजार रुपये का ऋण लिया था। इस लोन के बदले उसकी कृषि भूमि बैंक में गिरवी रखी गई थी।

मात्र 40 हजार रुपये में बेच की 4 एकड़ से ज्यादा जमीन

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि बैंक अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से किसान की 4.34 एकड़ कृषि भूमि वर्ष 2005 में केवल 40 हजार रुपये में नीलाम कर दी। जबकि उस समय जमीन की बाजार कीमत इससे कई गुना अधिक थी। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला कि पूरी नीलामी प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं की गई थी। आरोपियों ने प्रक्रिया को वैध दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और कई जरूरी औपचारिकताओं की अनदेखी की। मामले में पद का दुरुपयोग कर किसान को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।

कोर्ट ने चारों आरोपियों को सुनाई सजा

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नीलामी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं कीं। उन पर नीलामी से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार करने और नियमों के विपरीत कार्रवाई करने के आरोप लगे थे। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को भ्रष्टाचार और अनियमितता के मामले में सजा सुनाई।

आरोपियों में बैंक के अधिकारी शामिल

सरकारी वकील हेमलता कुशवाह ने बताया कि अदालत ने जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, अशोक मुखरैया, एपीएस कुशवाह और जमीन खरीदने वाले साजिद कुरैशी को इस मामले में दोषी माना है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com