18 महीने बाद भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा हुए पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत

Bhopal Central Jail : RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को HC ने 10 लाख रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दी। 11 करोड़ नकद और 52 किलो सोना बरामदगी मामले में वह 18 महीने बाद भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा हुए।
Saurabh Sharma Bhopal Jail Release
सौरभ शर्मा भोपाल जेल से हुए रिहा(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Saurabh Sharma Bail News: मध्यप्रदेश परिवहन विभाग (आरटीओ) के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा करीब 18 महीने बाद बुधवार रात भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उनकी नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर सशर्त रिहाई के आदेश दिए थे। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रात करीब 10:20 बजे उन्हें जेल से रिहा किया गया। जेल के बाहर उनके परिजन और समर्थक पहले से मौजूद थे।

सौरभ शर्मा फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में थे। उनका नाम दिसंबर 2024 में सामने आए बहुचर्चित नकदी और सोना बरामदगी मामले में प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया था।

हाईकोर्ट ने लगाईं सख्त शर्तें

जमानत देते हुए जबलपुर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश आरोपी को आरोपों से दोषमुक्त नहीं करता। अदालत ने सौरभ शर्मा पर कई शर्तें लागू की हैं। उन्हें ट्रायल कोर्ट की प्रत्येक सुनवाई में उपस्थित होना होगा। न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना वे विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा किसी भी गवाह को प्रभावित करने या मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने पर भी रोक लगाई गई है।

कोर्ट ने क्यों दी जमानत?

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और जांच एजेंसियां चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं। अदालत ने यह भी कहा कि केस का ट्रायल शुरू हो गया है, लेकिन गवाहों और दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक होने के कारण मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना कम है। ऐसे में आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना उचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने नियमित जमानत मंजूर की।

11 करोड़ नकद और 52 किलो सोना बरामद होने से चर्चा में आया था मामला

सौरभ शर्मा का नाम दिसंबर 2024 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान भोपाल के मेंडोरी क्षेत्र में खड़ी एक इनोवा कार से 11 करोड़ रुपये नकद और 52 किलो सोना बरामद किया गया था। जांच एजेंसियों ने इस बरामदगी का संबंध सौरभ शर्मा से जोड़ा था। इसके बाद उनकी कथित बेनामी संपत्तियों की भी जांच शुरू हुई थी।

ये भी पढ़ें : दतिया हार पर बोले आशुतोष तिवारी- चूक हुई होगी तो समीक्षा करेंगे, काल्पनिक चर्चाओं पर भरोसा नहीं

जांच एजेंसियों के सामने अब भी बड़ी चुनौती

लंबी पूछताछ के बावजूद सौरभ शर्मा ने इनोवा कार से मिले नकदी और सोने को अपना मानने से इनकार किया है। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह साबित करना है कि बरामद कैश और गोल्ड का वास्तविक मालिक कौन है। इसी आधार पर मामले में आगे की जांच और अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल सौरभ शर्मा को जमानत मिल गई है, लेकिन मामले का ट्रायल जारी रहेगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com