

मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी के बंगले के पास में चोरी।
रात के अंधेरे में आईएएस विवेक पोरवाल के बंगले से चोर उड़ा ले गए चंदन।
सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे कई गंभीर सवाल।
2020 में गोपाल भार्गव के बंगले में भी की गई ती चंदन चोरी की कोशिश
Sandalwood Theft Case Raises Question On Bhopal Police: मध्य प्रदेश के भोपाल से एक ऐसी खबर निकल कर आई है। जिसने एमपी पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, पुलिस के मुखिया यानी डीजीपी के बंगले के ठीक पास में लगे चंदन के पेड़ की चोरी ने लोगों को हैरान कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि जब डीजीपी के बंगले के पास चोरी हो सकती है तो भला आम आदमी कैसे सुरक्षित महसूस करेगा।
दरअसल, राजधानी भोपाल में आईएएस विवेक पोरवाल के बंगले से कथित तौर पर चोर रात के अंधेरे में चंदन का पेड़ काटकर गायब हो गए। हैरानी की बात यह है कि घटना के वक्त बंगले में सुरक्षा गार्ड मौजूद था लेकिन उसे चोरी की भनक तक नहीं लगी।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना देर रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। गौरतलब है कि, आरोपी पहले बंगले के अंदर पहुंचे और चंदन का पेड़ काटकर फरार हो गए। बंगले में गार्ड की मौजूदगी के बावजूद चोरी को अंजाम दिया जाना सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि, आरोपियों की पहचान, उनके बंगले में प्रवेश करने के रास्ते और घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का अभी भी इंतजार है।
इस मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि बताया जा रहा है कि घटना एमपी पुलिस महानिदेशक के बंगले के पास हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि, जिस इलाके में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का निवास हो, वहां इस तरह की वारदात हो जाए तो सुरक्षा निगरानी और रात्रिकालीन गश्त की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है। सवाल यह है कि जब राजधानी के इतने संवेदनशील इलाके में चोर पेड़ काटकर ले जा सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या इलाके में नियमित पुलिस गश्त हो रही थी? क्या आसपास के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जा रही थी? और सबसे अहम, बंगले में मौजूद गार्ड को घटना का पता क्यों नहीं चला?
दरअसल, यह पहला मामला नहीं है जब राजधानी भोपाल में चंदन चोरी हुआ हो दरअसल, 74 बंगला क्षेत्र में चंदन के पेड़ों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं पहले भी रिपोर्ट हुई हैं। साल 2020 में तत्कालीन मंत्री गोपाल भार्गव के बंगले में चंदन के पेड़ों को काटने की कोशिश की गई थी। वहीं, नवंबर 2025 में मुख्य वन संरक्षक कार्यालय से चंदन के पेड़ काटकर ले जाने की घटना भी सामने आई थी। इन घटनाओं ने भी सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
बंगले में गार्ड मौजूद होने के बावजूद चोरी कैसे हुई?
आरोपी किस रास्ते से आए और किस रास्ते से फरार हुए?
क्या इलाके में रात के समय नियमित पुलिस गश्त हो रही थी?
क्या आसपास के सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान हो सकती है?
चंदन के पेड़ की कीमत और चोरी से हुए नुकसान का आकलन किया गया है या नहीं?
क्या इस घटना में सुरक्षा संबंधी लापरवाही की भी जांच होगी?