CM मोहन यादव के लौटते ही ताबड़तोड़ एक्शन, सागर शराबकांड की होगी न्यायिक जांच, फांसी की धाराओं में चलेगा केस

CM Mohan Yadav Action : सागर जहरीली शराबकांड में CM मोहन यादव ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सीएम ने कहा कि मामले में फांसी की धाराओं के तहत केस चलाया जाएगा।
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सीएम ने दिए न्यायिक जांच के आदेशफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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Sagar Poisonous Liquor Case Update : मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने सागर जहरीली शराबकांड की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के रिटायर जस्टिस विष्णु प्रताप सिंह चौहान की अध्यक्षता में शराबकांड की जांच होगी।

इधर सागर रेंज के आईजी के पद पर इरशाद वली को नियुक्त किया गया है, जबकि दिलीप कुमार संभागायुक्त का पद संभाल चुके हैं। सरकार ने पूरे मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

सागर में सीएम मोहन यादव ने शराबकांड के पीड़ितों से मुलाकात की। इसके बाद अधिकारियों से इलाज और पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और प्रशासन को कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई है।

फांसी तक की सजा वाली धाराओं में कार्रवाई

सीएम मोहन यादव ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है, जिनमें आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपियों के अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को जरूरत के मुताबिक हर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

जहरीली शराब से मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंचा!

सागर में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। अब तक 28 लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, हालांकि प्रशासन ने 15 मौतों की पुष्टि की है। कई मरीजों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है।

33 आरोपियों में 16 गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक मामले में कुल 33 आरोपियों की भूमिका सामने आई है। इनमें से अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में अवैध शराब बनाने, उसकी पैकिंग और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई किए जाने वाले नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई हैं।

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मुख्य आरोपियों पर 20-20 हजार का इनाम

जांच में बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर, निवासी बंडा की भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार मनीष अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा के संपर्क में था। आरोप है कि लखेरा से शराब बनाने का तरीका और फार्मूला मिलने के बाद अवैध शराब तैयार की गई।

जांच का दायरा बढ़ा

पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी मनीष लोधी और रवि लखेरा पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। वहीं, फरार 15 अन्य आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। न्यायिक जांच के आदेश के बाद अब पूरे मामले में प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई के साथ जांच का दायरा भी बढ़ गया है।

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