

Madhya Pradesh No UPI Day : मध्य प्रदेश में आज व्यापारियों की ओर से नो-UPI डे मनाया जा रहा है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल मध्य प्रदेश के आह्वान पर भोपाल, इंदौर समेत प्रदेशभर के व्यापारी ₹2 हजार से अधिक के यूपीआई भुगतान नहीं लेने का सांकेतिक विरोध करेंगे। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यापारी पर इसमें शामिल होने के लिए जोर-जबरदस्ती नहीं की जाएगी।
राजधानी भोपाल में व्यापारी यूपीआई स्कैनर को काले कपड़े से ढंककर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका तर्क है कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल बढ़ने के बाद छोटे-बड़े कारोबार में यूपीआई लेन-देन अहम माध्यम बन चुका है।
इससे पहले मंगलवार रात इंदौर के रीगल स्क्वायर पर टाइल्स एंड सेनेटरी वेयर व्यापारी एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने ‘यूपीआई बंद करो, यूपीआई पर चार्ज बंद करो’ जैसे नारे लगाए और प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया।
नो UPI डे को लेकर व्यापार मंडल के मुताबिक नए नियम से ₹2 हजार से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर व्यापारियों को शुल्क देना पड़ सकता है। संगठन का कहना है कि अधिकतम शुल्क ₹300 तक हो सकता है। व्यापारियों के अनुसार यदि एक दिन में ₹2 हजार से अधिक के 10 डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं तो कुल शुल्क की राशि ₹3 हजार तक पहुंच सकती है।
व्यापारियों का कहना है कि थोक किराना समेत कई कारोबार में ₹2 हजार से अधिक के लेन-देन आम हैं। किराना कारोबारियों के मुताबिक 90 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन ₹2 हजार से अधिक के होते हैं। थोक तेल कारोबार का उदाहरण देते हुए व्यापारियों ने कहा कि 15 लीटर तेल का एक जार भी करीब ₹2200 का होता है। ऐसे में ग्राहक यूपीआई से भुगतान करता है तो व्यापारी पर MDR का अतिरिक्त भार आएगा।
व्यापारियों के मुताबिक 15 अक्टूबर से ₹2 हजार से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाए जाने का प्रावधान है। ₹75 हजार या उससे अधिक के लेन-देन पर शुल्क की अधिकतम सीमा ₹300 बताई गई है। इसी प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर व्यापारी संगठन विरोध दर्ज करा रहे हैं।
प्रदेश के करीब 4700 पेट्रोल पंपों पर भी इस मुद्दे का असर दिखाई देगा। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन ने 16 अक्टूबर से ₹2 हजार से अधिक के बिल पर यूपीआई भुगतान नहीं लेने का फैसला किया है। एसोसिएशन के सदस्य बुधवार के सांकेतिक विरोध प्रदर्शन में भी शामिल होंगे। इससे पेट्रोल पंपों समेत अन्य कारोबारों में डिजिटल भुगतान को लेकर व्यापारियों की आपत्ति सामने आ रही है।