दतिया उपचुनाव: क्यों कटा टिकट, क्या नरोत्तम मिश्रा का होगा पॉलिटिकल कमबैक? ज्योतिषीय विश्लेषण में बड़ा दावा

Datia By Election: दतिया उपचुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को भाजपा का टिकट क्यों नहीं मिला? ज्योतिषाचार्य ने ग्रह-गोचर के आधार पर दिलचस्प विश्लेषण करते हुए भविष्य में उनकी राजनीतिक वापसी के संकेत बताए।
Narottam Mishra Political Career
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- AI)
Published on: 
Updated on: 

Narottam Mishra Political Career : दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लेकर आखिरी समय तक चली चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों कट गया? पार्टी के भीतर उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही थी। उन्होंने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी, नामांकन फॉर्म तक खरीद लिया था, लेकिन अंतिम सूची में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर सभी को चौंका दिया।

टिकट घोषित होने के बाद दतिया में समर्थकों की नाराजगी खुलकर सामने आई। विरोध प्रदर्शन हुए और पार्टी के फैसले को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक ज्योतिषीय विश्लेषण भी चर्चा में है।

ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम का दावा

भोपाल स्थित ज्योतिष मठ संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम का दावा है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा की वर्तमान ग्रह दशा राजनीतिक चुनौतियों का संकेत दे रही है। उनके अनुसार वर्ष 2023 से गुरु महादशा शुरू हुई है, जिसमें वर्तमान में शनि का अंतर चल रहा है। यह समय निर्णयों में बाधा, राजनीतिक उतार-चढ़ाव और विरोधियों की सक्रियता बढ़ाने वाला माना जाता है।

शनि की साढ़ेसाती ने राजनीतिक सफर पर असर डाला

ज्योतिषीय विश्लेषण के मुताबिक मंगल और राहु की परस्पर दृष्टि के कारण कुंडली में 'षड्यंत्र योग' बन रहा है, जिससे विवाद और विरोध की स्थितियां निर्मित हो सकती हैं। वहीं बुध और शनि के प्रभाव से पराक्रम में कमी, अनावश्यक खर्च और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ज्योतिषाचार्य का यह भी कहना है कि हाल के वर्षों में शनि की साढ़ेसाती और अढ़ैया का प्रभाव भी उनके राजनीतिक सफर पर असर डालता रहा।

राजयोग अभी भी विद्यमान

हालांकि भविष्य को लेकर यह विश्लेषण सकारात्मक संकेत भी देता है। पं. विनोद गौतम के अनुसार डॉ. नरोत्तम मिश्रा की कुंडली में मजबूत राजयोग अभी भी विद्यमान है। उनका मानना है कि वर्तमान समय केवल एक कठिन दौर है और जैसे ही शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे तथा गुरु की स्थिति अनुकूल होगी, उनके राजनीतिक प्रभाव में फिर से वृद्धि देखने को मिल सकती है। ऐसे में भविष्य में उन्हें संगठन या सरकार में नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

7 विधानसभा चुनावों में केवल 1 बार हार मिली

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्यप्रदेश भाजपा के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। सात विधानसभा चुनावों में छह बार जीत दर्ज कर चुके मिश्रा 2023 में पहली बार दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती से चुनाव हारे थे।

Navbharat Live
navbharatlive.com