

Mukhyamantri Sugam Parivahan Bus Seva : इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की नई परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू की जाएगी।
करीब 20 साल से बंद पड़ी राज्य परिवहन बस सेवा को नए स्वरूप में शुरू करने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि इस सेवा से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ परिवहन क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 15 हजार से अधिक बसें और करीब 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क मौजूद है। नई बस सेवा को इसी नेटवर्क के साथ जोड़कर यात्रियों की जरूरत के हिसाब से रूट तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का जोर एकीकृत बस सेवा के जरिए शहरों के साथ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों को बेहतर तरीके से जोड़ने पर है।
परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने बताया कि वर्ष 2005 में राज्य सड़क परिवहन निगम की सेवाएं स्थगित हो गई थीं। इसके बाद लंबे समय तक प्रदेश में बस संचालन मुख्य रूप से निजी ऑपरेटरों के जरिए होता रहा। अब मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से नए मॉडल पर बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश स्तर पर कंपनी के साथ सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाई गई हैं और जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में परिवहन सलाहकार समितियां गठित की गई हैं।
नई व्यवस्था के लिए प्रदेश के करीब 55 जिलों में रूट सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसमें 150 सिटी बस, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट रूट शामिल हैं। बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV, GPS, लाइव लोकेशन, पैनिक बटन और ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे फीचर्स जोड़े जाएंगे। सरकार ने इलेक्ट्रिक और CNG बसों को भी प्राथमिकता देने की बात कही है।
समिट में ई-बसों को परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनाने पर भी चर्चा हुई। एका मोबिलिटी के चेयरमैन सुधीर मेहता ने बताया कि पीथमपुर में इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा कारखाना स्थापित किया जा रहा है, जहां सालाना करीब 5 हजार बसें बनाने की क्षमता होगी। सरकार का मानना है कि बस सेवा के विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विकास से प्रदेश में रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
समिट के दौरान मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) और रैपिडो के बीच भी समझौता हुआ। इसका उद्देश्य यात्रियों को टू-व्हीलर सेवा से बस परिवहन तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में स्टार्टअप्स और AI विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से Artificial Intelligence Innovation Challenge की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यात्री परिवहन विजन समिट के लोगो कॉम्पटीशन के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए। बिहार के सुधाकर कुमार को प्रथम पुरस्कार के तौर पर 5 लाख रुपये, नई दिल्ली के चयन वोहरा को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 2 लाख रुपये और मुंबई की गौरांगी शर्मा को तृतीय पुरस्कार के लिए 1 लाख रुपये दिए गए। समिट को प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को तकनीक, निवेश और बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है।