मध्य प्रदेश में बारिश का आखिरी दौर, 19 जिलों में बूंदाबांदी-आंधी का अलर्ट, 3 अक्टूबर से साफ हो जाएगा मौसम

Madhya Pradesh Weather News : मध्य प्रदेश में मानसून अंतिम दौर में पहुंच गया है। बुधवार को 19 जिलों में बारिश का अलर्ट है। 1-2 अक्टूबर को बूंदाबांदी के बाद 3 अक्टूबर से मौसम साफ होने का अनुमान है।
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मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई शुरूफोटो सोर्स- AI
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MP Weather Update : मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। प्रदेश में इस सप्ताह से मानसून की विदाई की शुरुआत होने की संभावना है। इससे पहले अगले तीन दिन कुछ इलाकों में बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को 19 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि कई जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

बुधवार को बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना में हल्की बूंदाबांदी के साथ आंधी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ और नीमच समेत कई जिलों में धूप खिली रहने की संभावना है।

1-2 अक्टूबर को भी कुछ जगह बूंदाबांदी

भोपाल मौसम विभाग के मुताबिक, 1 और 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 3 अक्टूबर से मौसम में बदलाव आएगा और पूरे प्रदेश से बारिश के बादल छंट जाएंगे। इसके बाद कहीं भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है।

पूर्वी एमपी में औसत से ज्यादा बारिश

इस मानसून सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा पश्चिमी हिस्से की तुलना में बेहतर रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश औसत से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 3 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी

पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश औसत से कम रही है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

100 प्रतिशत बारिश का आंकड़ा छूना मुश्किल

प्रदेश के कुछ जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं। हालांकि मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा 100 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद कम है।

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मानसून की वापसी की स्थिति

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से गुजरते हुए अब मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र तक पहुंच गई है। इसी के साथ इस सप्ताह उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना है। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से मानसून लौटेगा।

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