

MP Weather News Today : मध्य प्रदेश में मानसून सीजन खत्म होने में अब करीब 15 दिन बाकी हैं, लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य बारिश 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच होनी चाहिए थी। कुल मिलाकर प्रदेश में करीब 6% बारिश कम हुई है। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है।
प्रदेश के 18 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें निवाड़ी सबसे आगे है, जहां सामान्य कोटे से 49% ज्यादा पानी गिर चुका है। मऊगंज में 44%, सतना में 34%, मैहर में 29% और अन्य कई जिलों में भी बारिश औसत से ऊपर रही है। वहीं आलीराजपुर में स्थिति सबसे कमजोर है। यहां सामान्य कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई है और अब तक करीब 16 इंच पानी ही गिरा है।
मौसम विभाग के अनुसार इस बार प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में बारिश का प्रदर्शन पश्चिमी हिस्से की तुलना में बेहतर रहा है। मऊगंज में अब तक सबसे ज्यादा 54.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सतना में भी 50 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। निवाड़ी में सामान्य से 49% अधिक बारिश हुई है। हालांकि पूर्वी हिस्से का आंकड़ा भी सोमवार तक सामान्य से करीब 1% कम हो गया।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा अब भी चिंता बढ़ा रहा है। इस हिस्से में सामान्य से करीब 11% कम बारिश हुई है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिले औसत से पीछे हैं। इन जिलों में 2% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पूर्वी हिस्से के भी कई जिले सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 2% से 25% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में हुई बारिश से प्रदेश के कई जिलों के आंकड़ों में सुधार आया और कुछ जगह बाढ़ जैसे हालात भी बने, लेकिन अब बारिश की रफ्तार कम होने की संभावना है।
IMD भोपाल के अनुसार मंगलवार से प्रदेश में बारिश का सिस्टम कमजोर होने लगेगा। 15 से 17 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक 15 सितंबर से बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। अगले चार दिनों में प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो सकती है।