

MP Vidhan Sabha Congress Protest: मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पर चर्चा से पहले विधानसभा परिसर में सियासी माहौल गर्म रहा। कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक नाटक का मंचन किया और सांकेतिक शव लेकर विधानसभा पहुंचे।
कांग्रेस ने प्रदर्शन के जरिए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लोग युवाओं, छात्रों, किसानों और जनहित के मुद्दों पर निष्क्रिय रहते हैं, लेकिन हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद और भारत-पाकिस्तान जैसे सांप्रदायिक मुद्दों पर तुरंत सक्रिय हो जाते हैं।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक हाथों में पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। पोस्टरों पर लिखा था कि सरकार किसानों की मदद नहीं कर रही है और नफरत की राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि प्रदेश में किसान, बेरोजगार और आम जनता विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार उनके मुद्दों के समाधान के बजाय अन्य विषयों को प्राथमिकता दे रही है।
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। वहीं भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि यूसीसी जनता की मांग है और इसे व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है।
भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में यूसीसी को लेकर 10 लाख से अधिक लोगों ने अपनी राय दी है और अधिकांश लोगों ने इसके समर्थन में सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूसीसी लागू होकर रहेगा, कांग्रेस के विरोध से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यूसीसी लागू होने से "कांग्रेस के वोटों की फैक्ट्री बंद होगी।"
इस बीच भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार के "पांच-पांच शादियों" संबंधी बयान को लेकर भी सदन और विधानसभा परिसर में राजनीतिक तकरार देखने को मिली। कांग्रेस ने इस बयान पर आपत्ति जताई, जबकि भाजपा नेताओं ने अपने पक्ष में तर्क रखे।
यूसीसी विधेयक को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। संभावना है कि विधेयक पर सदन में विस्तृत चर्चा के दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ आमने-सामने होंगे।