भोपाल में TET के खिलाफ शिक्षकों का अनोखा प्रदर्शन, गोबर की कंडियां जलाकर तपस्या पर बैठे सीताराम रैकवार

MP Teachers Protest : भोपाल में TET की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन जारी है। सीताराम रैकवार गोबर की कंडियां जलाकर तपस्या पर बैठे। शिक्षकों ने पुराने शिक्षकों को राहत देने की मांग की।
Teachers protesting against TET requirement in Bhopal
TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शनफोटो सोर्स- नवभारत
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MP TET Protest : मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। राजधानी भोपाल के अंबेडकर पार्क में शिक्षक TET परीक्षा की अनिवार्यता खत्म करने सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

रविवार को प्रदर्शन के दौरान आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष सीताराम रैकवार ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। वे मैदान में ही गोबर की कंडियां जलाकर उनके बीच बैठकर तपस्या करते नजर आए।

गोबर की कंडियां जलाकर तपस्या

सीताराम रैकवार ने अपने चारों तरफ गोबर की कंडियां जलाकर उनके बीच बैठकर तपस्या की। TET की अनिवार्यता के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए अपनाए गए इस तरीके ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। शिक्षकों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए TET की अनिवार्यता से जुड़े नियमों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

पुराने शिक्षकों पर नियम थोपना अन्याय: राजेश जोशी

प्रदर्शन में शामिल रायसेन के जिला संयोजक राजेश जोशी ने TET की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुराने शिक्षकों पर नए नियम थोपना अन्याय है। उनका कहना है कि जब शिक्षक नौकरी में आए थे, तब TET जैसी अनिवार्यता नहीं थी। अब वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों पर परीक्षा पास करने की शर्त लागू होने से उनके भविष्य और नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पहली नियुक्ति से सेवा अवधि और वरिष्ठता की मांग

राजेश जोशी के मुताबिक, शिक्षकों ने अपनी पूरी सेवा शिक्षा व्यवस्था को समर्पित की है। ऐसे में वर्षों बाद उन पर परीक्षा पास करने की अनिवार्यता लागू करना उचित नहीं है। शिक्षकों की मांग है कि पुराने नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट दी जाए। इसके साथ ही पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना करने की मांग भी उठाई जा रही है।

ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की मांग

शिक्षकों का आंदोलन केवल TET की अनिवार्यता तक सीमित नहीं है। अलग-अलग शिक्षक संगठन TET से राहत के साथ पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना तथा ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की मांग भी कर रहे हैं। भोपाल के अंबेडकर मैदान में शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल भी जारी है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी चिंता

शिक्षकों का कहना है कि सितंबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पांच साल से अधिक की सेवा शेष रहने वाले शिक्षकों के लिए TET उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता को लेकर चिंता बढ़ी है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों की मांग है कि पहले से कार्यरत और वर्षों का अनुभव रखने वाले शिक्षकों के मामले में सरकार राहत देने के लिए पहल करे।

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सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग

शिक्षकों का कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार को उनकी समस्याओं को केंद्र सरकार के सामने रखना चाहिए और पुराने शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। फिलहाल अंबेडकर पार्क में जारी प्रदर्शन के जरिए शिक्षक अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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