

MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कोटे की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने सोमवार को विधानसभा परिसर में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्रीगण और पार्टी के विधायक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा की जीत का दावा करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि पार्टी अपने तीसरे प्रत्याशी को भी विजय दिलाने में सफल होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का नारा नहीं देती, बल्कि उसे व्यवहार में भी उतारती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन वर्गों का लोकसभा और विधानसभा में प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम रहा है, उन्हें उच्च सदन में अवसर देकर भाजपा अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत कर रही है।
दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के कई विधायक मौजूद रहे। विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जीतू पटवारी स्वयं सक्रिय नजर आए और उन्होंने एक-एक विधायक को रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष तक भेजा।
नामांकन दाखिल करने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कांग्रेस पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरी है और पार्टी जीत के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक और नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे।
नवभारत लाइव से बात करते हुए कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए और चुनावी रणनीति पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त में लगी हुई है, लेकिन इन प्रयासों से कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और मजबूती से चुनाव लड़ेगी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और किसी भी तरह की अंदरूनी असहमति नहीं है। विधायकों को बाहर शिफ्ट करने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह विधायकों से चर्चा के बाद ही किया जाएगा।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी एक तरफ महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण की बात करती है, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस की महिला प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ उम्मीदवार उतारकर विरोधाभास दिखा रही है। उन्होंने इसे भाजपा का दोहरा चरित्र बताया और कहा कि यह जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है।
इधर, कांग्रेस को नामांकन के दिन ही एक राजनीतिक झटका भी लगा। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि वे मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज थे।
गौरतलब है कि भाजपा के दो अन्य उम्मीदवार तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल पहले ही राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। चुनावी रणनीति को लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी भाजपा विधायकों को 8 जून तक भोपाल में रहने के निर्देश दिए थे।
वहीं, विधायकों की संभावित बाड़ाबंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा को अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना सभी का लोकतांत्रिक अधिकार है और भाजपा अपने अधिकार का उपयोग कर रही है। विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी के पास अतिरिक्त वोट हैं, इसलिए तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारा गया है।