MP में मूंग खरीदी पर रार: केंद्र बोला- पहले स्वीकृत कोटा पूरा करो; नर्मदापुरम से भोपाल तक 'क्रांति मार्च'

MP Moong Purchase: मूंग खरीदी पर मचा घमासान, 16 जुलाई तक महज 2% खरीदी पर केंद्र ने राज्य सरकार को घेरा, नाराज किसानों की नर्मदापुरम से भोपाल तक 'किसान क्रांति पदयात्रा', CM हाउस घेराव की चेतावनी।
The dispute over moong procurement in Madhya Pradesh has intensified after the Centre asked the state to complete the already approved procurement quota before seeking additional purchases
सीएम मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

MP Moong Procurement: मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और हरदा समेत आसपास के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में किसान खरीदी की धीमी गति से बेहद नाराज हैं।

इस बीच, मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने के राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थिति साफ कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे गए पत्र में केंद्र ने स्पष्ट किया है कि पहले स्वीकृत कोटे की खरीदी तेजी से पूरी की जाए, जिसके बाद ही अतिरिक्त कोटा देने पर विचार संभव होगा।

केंद्र का रुख: 16 जुलाई तक सिर्फ 2% खरीदी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में बताया कि मध्य प्रदेश के लिए देश में सबसे अधिक 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी का कोटा स्वीकृत किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार की सुस्त व्यवस्था के कारण 16 जुलाई 2026 तक महज 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की ही खरीदी हो सकी है, जो कुल स्वीकृत कोटे का मात्र 2 प्रतिशत है। इससे अब तक लगभग 12,000 किसान ही लाभान्वित हो पाए हैं। मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के दिशा-निर्देशों के अनुसार तूर, उड़द और मसूर की 100% खरीद के अलावा अन्य फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25% तक ही की जा सकती है। अतः तय लक्ष्य पूरा होने के बाद ही नियमानुसार अतिरिक्त सीमा पर विचार होगा।

पिछले वर्षों के आंकड़ों का दिया हवाला

केंद्र सरकार ने पत्र के माध्यम से राज्य के पिछले रिकॉर्ड और अन्य राहत योजनाओं को भी रेखांकित किया:

  • वर्ष 2024-25 (ग्रीष्मकालीन मूंग): मध्य प्रदेश के लिए 4.19 लाख मीट्रिक टन का कोटा मंजूर था, जिसके मुकाबले 3,93,123.79 मीट्रिक टन की खरीदी की गई। इस दौरान 1,22,776 किसानों को ₹3,413.10 करोड़ का भुगतान मिला।
  • सोयाबीन (पीडीपीएस 2025-26): भावांतर भुगतान योजना के तहत 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत कर ₹1,093.13 करोड़ जारी किए गए, जिससे 7.10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला।

किसानों का 'किसान क्रांति पदयात्रा' आंदोलन

खरीदी न होने से नाराज संयुक्त किसान मोर्चा (मध्य प्रदेश) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

  • पदयात्रा का रूट: 27 जुलाई से नर्मदापुरम के सेठानी घाट से 'किसान क्रांति पदयात्रा' शुरू हुई है। यह यात्रा बुधनी, बरखेड़ा, ओबेदुल्लागंज और मंडीदीप होते हुए 29-30 जुलाई को भोपाल में प्रवेश करेगी।
  • रणनीति: किसान अपने साथ ट्रैक्टर, पिकअप और आवश्यक खाद्य सामग्री लेकर चल रहे हैं। भोपाल पहुँचकर मिसरोद, रानी कमलापति, बोर्ड ऑफिस और रोशनपुरा चौराहे से होते हुए मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना है।

चक्काजाम और रेल रोको की चेतावनी

किसान नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से सीधी वार्ता नहीं होती है या मांगों पर ठोस निर्णय नहीं निकलता, तो भोपाल शहर में चक्काजाम किया जाएगा। इसके अलावा, ओबेदुल्लागंज से मिसरोद के बीच रेल यातायात बाधित करने की भी संभावना जताई गई है।

https://youtu.be/EmTIIajKGfM?si=KmkshX5GAE3wYc5F

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com