

MP Higher Education Shift System: मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अब कॉलेजों को सुबह और शाम की शिफ्ट (पार्ट-टाइम) में संचालित करने पर विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों के कॉलेजों में छात्र संख्या ज्यादा है, वहां शिक्षण व्यवस्था सुचारू रखने के लिए शिफ्ट सिस्टम लागू किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की तर्ज पर राज्य स्तर पर राज्य परिषद यानी 'सैक' के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार का पूरा ध्यान रोजगारपरक और वोकेशनल पाठ्यक्रमों पर है। कॉलेजों में खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि आने वाला वर्ष 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसके लिए शिक्षा सहित अन्य संबंधित विभाग छात्रों के हित में नई योजनाएं तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा, कक्षा 12वीं पास करने वाले छात्रों के भविष्य को सही दिशा देने के लिए विशेष काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।
समीक्षा बैठक में विभाग की बड़ी उपलब्धियां भी सामने आईं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन इस्तेमाल के चलते मध्य प्रदेश 'स्वयं' (SWAYAM) पोर्टल पर छात्रों के पंजीयन के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। जुलाई 2025 के सेमेस्टर में जहां 3.5 लाख से अधिक पंजीयन हुए थे, वहीं जुलाई 2026 के सेमेस्टर में भी 2.73 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा भारत सरकार के 'वन नेशन-वन सब्सक्रिप्शन' पोर्टल पर प्रदेश के 618 संस्थान पंजीकृत हैं, जिसका लाभ 8 लाख से अधिक छात्र उठा रहे हैं। इस मामले में भी मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों के जुड़ने पर खुशी जताई और विभाग को बधाई दी। प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने छिंदवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय को विशेष कोर्स शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता देने का भरोसा भी दिलाया।