

MP के 55 जिलों में किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रतियोगिताएं।
विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट और स्कूटी मिलेंगी।
इंदौर, भोपाल समेत कई शहरों में बनेंगे इंडस्ट्रियल बेल्ट।
दूध उत्पादन में MP देश में तीसरे स्थान पर।
MP को दूध उत्पादन में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य।
Mohan Yadav Roadmap Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास, किसान कल्याण, औद्योगिक विस्तार और सैन्य गौरव को लेकर सरकार का विजन सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान किसी एक व्यक्ति या विचार की देन नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के साझा संकल्प, परिश्रम और बलिदान का परिणाम है। किसानों से लेकर श्रमिकों तक, हर वर्ग ने प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष बताते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक और उन्नत बनाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की कृषि तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। प्रदेश के सभी 55 जिलों में किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रतियोगिताएं आयोजित की गई हैं। इनमें विजेताओं को पहला पुरस्कार ट्रैक्टर, दूसरा बुलेट और तीसरा स्कूटी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की औद्योगिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और नर्मदापुरम सहित कई क्षेत्रों में इंडस्ट्रियल बेल्ट विकसित किए जा रहे हैं। एक समय प्रदेश की औद्योगिक विकास दर नकारात्मक हुआ करती थी, लेकिन अब सरकार के प्रयासों और उपलब्धियों के बल पर प्रदेश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाकर विकास के नए आयाम स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश फिलहाल देश में दूध उत्पादन के मामले में तीसरे स्थान पर है और सरकार का लक्ष्य जल्द ही प्रदेश को पहले स्थान पर पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पारित किए जाने को भी प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है और सरकार प्रदेश की उन्नति की गति को और तेज करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन सभी प्रदेशवासियों के परिश्रम और बलिदान को याद करने का दिन है, जिन्होंने प्रदेश के निर्माण में योगदान दिया है। किसानों, श्रमिकों और आम नागरिकों की मेहनत से प्रदेश लगातार विकास के नए सोपान तय कर रहा है।