

MP Electricity Bill Fraud Alert: मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि फर्जी कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों के जरिए साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली कंपनी की ओर से किसी निजी मोबाइल नंबर से कॉल या मैसेज भेजकर भुगतान करने के लिए कभी नहीं कहा जाता। उपभोक्ताओं को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म और प्रमाणित माध्यमों का ही उपयोग करना चाहिए।
मंत्री ने बताया कि उपभोक्ता अपने बिजली बिलों का भुगतान नकद रूप में कंपनी के जोन कार्यालय, वितरण केंद्र, पीओएस मशीन या अधिकृत भुगतान केंद्रों जैसे एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर पर कर सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल माध्यमों जैसे नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, ईसीएस, बीबीपीएस, फोनपे, गूगल पे, पेटीएम, अमेजन पे, व्हाट्सएप पे और उपाय मोबाइल ऐप के जरिए भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि बिजली कंपनी की ओर से एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश केवल निर्धारित सेंडर आईडी 07552551222 से ही भेजे जाते हैं। अन्य किसी नंबर या निजी आईडी से आए संदेशों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। भुगतान प्रक्रिया के लिए उपभोक्ता पहचान संख्या (IVRS नंबर) आवश्यक होती है।
कंपनी के संज्ञान में आया है कि साइबर ठग उपभोक्ताओं को फोन कॉल और मैसेज भेजकर बिजली बिल बकाया होने और कनेक्शन काटने की धमकी देते हैं। इसके बाद लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या किसी नंबर पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाया जाता है। ऊर्जा विभाग ने ऐसे सभी संदेशों को पूरी तरह फर्जी बताया है।
मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, पिन नंबर या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता के साथ साइबर ठगी की घटना होती है तो तुरंत भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।