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एमपी से हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध का ऐलान किया।
एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर उठाए सवाल।
कांग्रेस ने पुरी के नामांकन के दिन काले झंडे दिखाकर विरोध करने की घोषणा की।
पटवारी ने एपस्टीन फाइल्स में पुरी के नाम का उल्लेख होने को लेकर भाजपा से जवाब मांगा।
Madhya Pradesh Congress black flag protest : एमपी से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुरी के नामांकन के दिन काले झंडे दिखाकर विरोध करने का ऐलान किया है।
वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पार्टी पर सिख विरोधी होने का आरोप लगाया है। शर्मा ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा, 'तुम काले झंडे दिखाओगे, हम तुम्हारा इलाज करेंगे'।
एमपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने को प्रदेश की गरिमा और क्षेत्रीय अस्मिता की अनदेखी बताया है। उन्होंने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट करने की मांग की। पटवारी ने एपस्टीन फाइल्स में पुरी के नाम का उल्लेख होने को लेकर उठ रहे सवालों का हवाला देते हुए भी जवाब मांगा है।
जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि हरदीप सिंह पुरी जब एमपी में राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने आएंगे तब कांग्रेस के विधायक और कार्यकर्ता उन्हें काले झंडे दिखाकर उनका विरोध दर्ज कराएंगे। पटवारी ने कहा कि प्रदेश की गरिमा जनता के सम्मान और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे पर कांग्रेस अपना विरोध जताएगी। इस ऐलान के बाद राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के ऐलान पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जब भी सिख समुदाय के किसी व्यक्ति को सम्मान या बड़ा पद मिलता है तो कांग्रेस बेचैन हो जाती है और षड्यंत्र रचने लगती है। शर्मा ने कांग्रेस पर सिख विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुरी के नामांकन का विरोध इसी मानसिकता को दर्शाता है।
रामेश्वर शर्मा ने 1984 में हुए सिख नरसंहार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि हजारों निर्दोष सिखों की हत्या के बाद भी कांग्रेस ने कभी प्रायश्चित नहीं किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। शर्मा ने ये भी दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सिखों की रक्षा के लिए खुद को आगे रखा था।