एमपी में अब ‘फायर सेफ्टी’ और ‘अवैध कॉलोनियों’ पर सख्ती: मॉडल एक्ट की तर्ज पर बदलेगा कानून, लगेगा फायर टैक्स
MP Fire Act Law 2026: कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की नए विधेयकों की समीक्षा; भवनों में एग्जिट प्लान अनिवार्य, अवैध कॉलोनाइजरों पर कसेगा शिकंजा, लेकिन जनता की सुविधा का रखा जाएगा ध्यान।
- Written By: सुधीर दंडोतिया
कैलाश विजयवर्गीय ने की नए विधेयकों की समीक्षा, सोर्स सोशल मीडिया
MP Model Fire Act Implementation: दिल्ली में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड से सबक लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार राज्य में फायर सेफ्टी और शहरी विकास को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने जा रही है। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने ‘मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक 2026’ और ‘मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026’ के प्रस्तावित प्रावधानों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री विजयवर्गीय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आज की बैठक में आए सभी महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल करते हुए दोनों विधेयकों में आवश्यक संशोधन किए जाएं और अगले सप्ताह इन्हें दोबारा कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
फायर सेफ्टी कानून में बड़े बदलाव: केंद्र के ‘मॉडल एक्ट’ पर अमल
बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश के नए फायर सेफ्टी कानून को भारत सरकार के ‘मॉडल एक्ट’ के नियमों के अनुरूप ढाला जाए।
सम्बंधित ख़बरें
इंदौर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, जीतू पटवारी पर साधा निशाना, राज्यसभा चुनाव पर भी दिया बयान
Rajya Sabha Election: दिग्विजय सिंह के इनकार के बाद राहुल गांधी की पसंद पर लगी मुहर, जानें MP का पूरा गणित
NEET UG Paper Leak: दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी से की परीक्षाओं पर ‘श्वेत पत्र’ जारी करने की मांग
बूथ मैनेजमेंट में माहिर हैं रजनीश अग्रवाल, शादी में शामिल होने आए थे नितिन नबीन, अब मिला भाजपा से तोहफा
भविष्य की तैयारी
मंत्री जी ने कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में बड़ी इमारतें, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़ी इंडस्ट्रीज आ रही हैं। इसके लिए हमारे पास अत्याधुनिक उपकरण (well equipment), बेहतर तकनीक (well technology) और पूरी तरह प्रशिक्षित मानव संसाधन होने चाहिए, ताकि किसी भी हादसे के वक्त त्वरित कार्रवाई की जा सके।
एग्जिट प्लान और पाइपलाइन अनिवार्य
अब राज्य की सभी बहुमंजिला और व्यावसायिक इमारतों में एग्जिट प्लान (Emergency Exit Plan) और फायर फाइटिंग पाइपलाइन का प्रदर्शन अनिवार्य रूप से करना होगा।
अधिकारियों की योग्यता तय होगी
फायर सेफ्टी ऑफिसर और अन्य तकनीकी पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव के कड़े नियम तय किए जाएंगे। इसके लिए अन्य राज्यों के बेहतरीन नियमों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
लगेगा ‘फायर टैक्स
बैठक में राज्य की अग्निशमन सेवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए ‘फायर टैक्स’ लेने के सुझाव पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
संसाधनों की समीक्षा और विशेष ट्रेनिंग
मंत्री ने वर्तमान में नगर निगमों, पालिकाओं और परिषदों में उपलब्ध फायर स्टेशनों और कर्मचारियों की जानकारी ली। उन्होंने अमले को किसी भी आपात स्थिति के लिए सक्षम बनाने हेतु विशेष ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए।
कॉलोनी अधिनियम 2026:
बैठक के दूसरे हिस्से में ‘मध्यप्रदेश कॉलोनी अधिनियम 2026’ का ड्राफ्ट पेश किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य शहरों के अनियोजित विकास को रोकना और अवैध निर्माण पर लगाम लगाना है।इस नए अधिनियम में कॉलोनी रजिस्ट्रीकरण (Registration), विकास अनुज्ञा (Development Permission), नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत, अविकसित व अवैध कॉलोनियों पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
यह भी पढ़ें : दिल्ली अग्निकांड के बाद जबलपुर में होटलों की फायर सेफ्टी जांच तेज, 365 संस्थानों को जारी हुए नोटिस
जनता की सुविधा सर्वोपरि
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को हिदायत दी कि, “नियमों का पालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाए, लेकिन कार्रवाई करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में आम जनता या वहां रहने वाले नागरिकों को कोई परेशानी न हो।”
