

MP BJP Organization General Secretary Chandrashekhar : मध्य प्रदेश भाजपा को करीब आठ महीने यानी 236 दिन बाद पूर्णकालिक प्रदेश महामंत्री (संगठन) मिल गया है। केंद्रीय भाजपा संगठन ने वरिष्ठ आरएसएस प्रचारक चंद्रशेखर को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनका संगठनात्मक केंद्र भोपाल रहेगा।
अब वे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मिलकर संगठन से जुड़े कामकाज को आगे बढ़ाएंगे। यह पद 31 जनवरी 2026 को हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के बाद खाली हुआ था। इस दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का संगठनात्मक काम देख रहे थे।
चंद्रशेखर लंबे समय से संघ और भाजपा के संगठनात्मक काम से जुड़े रहे हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले चंद्रशेखर ने काशी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संघ के स्तर पर काम किया। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी समेत काशी क्षेत्र में भी उनकी संगठनात्मक भूमिका रही। इसके बाद सितंबर 2017 में उन्हें राजस्थान भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया, जहां उन्होंने करीब छह साल तक संगठन की जिम्मेदारी संभाली।
राजस्थान में लंबे कार्यकाल के बाद जनवरी 2024 में चंद्रशेखर को तेलंगाना भाजपा की संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई। वहां भी उन्होंने 2026 तक संगठन से जुड़े दायित्व संभाले। अलग-अलग राज्यों में काम करने के अनुभव के चलते अब मध्य प्रदेश में उनकी भूमिका को संगठनात्मक प्रबंधन और जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने से जोड़कर देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में चंद्रशेखर के सामने पिछली संगठनात्मक व्यवस्था को आगे बढ़ाने की चुनौती भी होगी। हितानंद शर्मा मार्च 2022 से जनवरी 2026 तक प्रदेश संगठन महामंत्री रहे। उनके कार्यकाल के दौरान भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में 163 सीटें जीती थीं। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक भाजपा को 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीटें मिली थीं।
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर जीत दर्ज की थी। यह प्रदेश में पार्टी का लोकसभा चुनाव में अब तक का पहला क्लीन स्वीप था। ऐसे चुनावी प्रदर्शन के बाद संगठन महामंत्री के सामने बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता बनाए रखने और सरकार तथा पार्टी संगठन के बीच समन्वय को प्रभावी रखने की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होगी।
प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत रखना अहम माना जाता है। चंद्रशेखर के सामने जिला और मंडल स्तर पर संगठन की गतिविधियों को गति देने के साथ बूथ स्तर के नेटवर्क को सक्रिय रखने की चुनौती होगी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, संगठनात्मक कार्यक्रमों को जमीन तक पहुंचाना और आने वाले चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों को व्यवस्थित करना उनके प्रमुख दायित्वों में शामिल रहेगा।
मध्य प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का पद लंबे समय से संगठन के लिए महत्वपूर्ण रहा है। इस पद पर कृष्णमुरारी मोघे, कप्तान सिंह सोलंकी, माखन सिंह, अरविंद मेनन, सुहास भगत और हितानंद शर्मा जैसे नेता रह चुके हैं। 2007 में माखन सिंह को कप्तान सिंह सोलंकी के स्थान पर संगठन महामंत्री बनाया गया था।
राजस्थान और तेलंगाना में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालने के बाद चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश भेजे जाने से उनके अनुभव का इस्तेमाल प्रदेश संगठन में किया जाएगा। अब उनकी नई भूमिका में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ संगठन को संचालित करना, जमीनी स्तर पर पार्टी की संरचना को मजबूत रखना और सरकार-संगठन के बीच समन्वय को प्रभावी बनाए रखना प्रमुख विषय होंगे।