मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, भोपाल वेस्टर्न बाइपास को मंजूरी; RGPV का होगा तीन हिस्सों में पुनर्गठन

Mohan Cabinet Decision: डॉ. मोहन यादव कैबिनेट के बड़े फैसले, भोपाल वेस्टर्न बाइपास की संशोधित लागत को मंजूरी मिलने से 21 किमी घटेगा सफर, रातापानी में बनेंगे वाइल्डलाइफ अंडरपास RGPV का होगा पुनर्गठन।
Mohan Yadav Cabinet Meeting
एमपी कैबिनेट की मीटिंग(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mohan Cabinet Approves Bhopal Western Bypass project: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल के वेस्टर्न बाइपास की संशोधित परियोजना लागत को स्वीकृति देने के साथ ही प्रशासनिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े बड़े फैसले लिए गए।

इनमें सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर की सलाहकार के रूप में नियुक्ति और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन का निर्णय प्रमुख रहा।

भोपाल वेस्टर्न बाइपास को मिली मंजूरी, 21 किलोमीटर कम होगा सफर

कैबिनेट ने राजधानी भोपाल के पश्चिमी बाइपास की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना पूरी होने के बाद जबलपुर से इंदौर की ओर जाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले प्रस्तावित बाइपास की लंबाई 41 किलोमीटर थी, लेकिन संशोधित योजना में इसे घटाकर 35 किलोमीटर कर दिया गया है। इससे यात्रियों को करीब 21 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाने से बचत होगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ यात्रा समय और ईंधन की खपत भी कम करेगी।

रातापानी वन क्षेत्र में बनेंगे अंडरपास, पर्यावरण संरक्षण पर जोर

वेस्टर्न बाइपास परियोजना में पर्यावरणीय संतुलन और वन्य जीवों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। रातापानी वन क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से में वन्य प्राणियों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए अंडरपास बनाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इससे वन्य जीवों के प्राकृतिक मार्ग सुरक्षित रहेंगे और सड़क परियोजना का प्रभाव भी कम होगा।

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सेवानिवृत्त आईपीएस के. साईं मनोहर बने सरकार के सलाहकार

कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक समन्वय और शासन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर की सलाहकार पद पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। उनकी नियुक्ति राज्य सरकार और केंद्र स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई जिम्मेदारी के तहत उनका मुख्यालय नई दिल्ली में रहेगा, जहां से वे विभिन्न प्रशासनिक और रणनीतिक मामलों में सरकार को सलाह देंगे।

आरजीपीवी का होगा पुनर्गठन, भोपाल-जबलपुर-उज्जैन में बनेंगे मुख्यालय

तकनीकी शिक्षा के विकेंद्रीकरण और बेहतर प्रबंधन के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में तीन अलग-अलग मुख्यालय स्थापित किए जाएंगे। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि इन विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी कौशल भी प्राप्त होंगे और क्षेत्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा का विस्तार होगा।

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