MLA Defection Case: विधायक निर्मला स्प्रे के दलबदल मामले में नेता प्रतिपक्ष ने सीएम की X पोस्ट को बताया सबूत

MP Congress MLA Defection Case: दल बदल केस में विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के बीच दो घंटे की बातचीत,सप्रे के दलबदल केस से जुड़े प्रमाणों के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष से एक्शन की मांग ।
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विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष चर्चा करते हुए , (सोर्स :सोशल मीडिया)
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Bhopal Assembly News: मध्य प्रदेश में बहुचर्चित दल बदल (Defection) मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) नरेंद्र सिंह तोमर के बीच दो घंटे तक सुनवाई चली । सुनवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा हम अपना पक्ष तो पहले ही रख चुके हैं। निर्मला सप्रे ने पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में हिस्सा लिया। सारे प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री जी ने खुद अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया। कई अखबारों की कटिंग हम प्रमाण के साथ दे चुके हैं।बीना की जनता विधानसभा अध्यक्ष जी की निष्पक्षता को देख रही है, क्या वे निष्पक्ष रहेंगे या नहीं? मैं समझता हूं बीना की जनता को न्याय मिलना चाहिए। अध्यक्ष जी को निर्णय लेना है। मुझे लगता है कि सरकार को ये डर लगता है कि बीना में कांग्रेस जीत जाएगी। इसलिए वो चुनाव नहीं कराना चाहती।

सरकार चुनाव से भागना चाहती है : सिंघार

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से भागना चाहती है। कहीं न कहीं इसका प्रभाव अध्यक्ष के निर्णय पर पड़ सकता है। सिंघार ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष जी से यही कहा है कि उनके द्वारा पूर्व में जो प्रमाण दिए हैं। उन पर अध्यक्ष निर्णय करना है। सुप्रीम कोर्ट के कई ऐसे निर्णय हैं, जिनमें 90 दिन के अंदर निर्णय करना होता है। इसमें तो ढाई साल का समय होने जा रहा है। अब अध्यक्ष जी को लोकतंत्र के मंदिर को बचाने के लिए निष्पक्ष निर्णय (Discussion) करना चाहिए। अध्यक्ष जी अगर निर्णय नहीं करेंगे तो हम इस मामले को न्यायालय में रखेंगे।

क्या है मामला ?

लोकसभा चुनाव के दौरान 5 मई 2024 को सागर जिले के राहतगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जनसभा हुई। इस मंच पर निर्मला सप्रे ने आधिकारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद कई बार निर्मला स्प्रे भाजपा (BJP) के मंच पर नजर आयी । कांग्रेस ने इस मामले में दलबदल कानून (10वीं अनुसूची) के तहत निर्मला स्प्रे की विधानसभा से सदस्य्ता समाप्त करने की याचिका दायर की है ।

हाई कोर्ट में भी चल रही सुनवाई

बीना से विधायक निर्मला सप्रे (Nirmala Sapre)2023 में कांग्रेस (Congres) के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं थीं। कांग्रेस का आरोप है कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा का समर्थन किया, लेकिन औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया। इसी आधार पर उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत अयोग्यता की मांग की गई और मामला विधानसभा अध्यक्ष के पास लंबित है। यही तय होना है कि उनकी सदस्यता बरकरार रहेगी या खत्म होगी। इस मामले में हाई कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है आगामी 29 अप्रैल को इस पर सुनवाई होनी है।

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