इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन का तीसरा दिन: सड़क पर वाहन और अस्पताल में अटका इलाज, OPD बंद होने से जनता बेहाल

Bhopal Junior Doctors Protest : मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है। भोपाल में OPD बंद, 40 से ज्यादा ऑपरेशन टले और वॉटर कैनन मामले की जांच शुरू हुई।
Bhopal Doctors Protest
इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलनफोटो सोर्स- नवभारत
Published on
Updated on

MP MBBS Intern Protest : मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी है। भोपाल, इंदौर समेत प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में सुबह नियमित ओपीडी बंद रहेगी। आंदोलन का असर अस्पतालों से लेकर सड़कों तक दिखाई दे रहा है।

भोपाल में इंटर्न डॉक्टर कमला पार्क के पास सड़क पर डटे हैं, जबकि हमीदिया अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बीच सरकार और इंटर्न डॉक्टरों के बीच कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है।

400 से 500 पर आई OPD

MBBS इंटर्न के आंदोलन के चलते हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को सामान्य दिनों की करीब 3000 मरीजों वाली ओपीडी घटकर 400-500 तक रह गई। 40 से ज्यादा प्रस्तावित ऑपरेशन भी नहीं हो सके। बाहर से इलाज के लिए आए कई मरीज घंटों इंतजार के बाद वापस लौट गए। इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं, लेकिन बैरिकेडिंग के कारण एंबुलेंस को भी घूमकर अस्पताल पहुंचना पड़ा।

सड़क पर कई घंटों तक जाम से परेशान शहर

कमला पार्क के पास डॉक्टरों के सड़क पर बैठने और सीएम हाउस की ओर बैरिकेडिंग के कारण रेतघाट-पॉलिटेक्निक रोड पर ट्रैफिक प्रभावित रहा। सोमवार शाम करीब 5 बजे बिगड़ी व्यवस्था मंगलवार रात तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। सुबह फिर जाम की स्थिति बनी और पुलिस को वाहनों के लिए डायवर्जन करना पड़ा। एक लेन से दोनों तरफ के वाहन निकाले गए, जिससे आम लोगों को कई घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ी।

आज भी OPD में नहीं मिेंगे डॉक्टर

जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 9 सितंबर को भी नियमित ओपीडी और इलेक्टिव ओटी के बहिष्कार का ऐलान किया है। इंटर्न डॉक्टरों के समर्थन में GMC भोपाल के सीनियर रेजिडेंट्स भी आंदोलन में शामिल हो गए हैं। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन समेत अन्य डॉक्टर संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को बहिष्कार से बाहर रखा गया है।

स्टाइपेंड के साथ लाठीचार्ज-वॉटर कैनन पर भी नाराजगी

डॉक्टरों का आंदोलन सिर्फ स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग तक सीमित नहीं है। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी डॉक्टरों में नाराजगी है। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि स्टाइपेंड पर ठोस फैसला और पुलिस कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

डिप्टी CM बोले- CM लौटेंगे, तब स्टाइपेंड पर फैसला

इस बीच डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मंगलवार को वरिष्ठ डॉक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें स्टाइपेंड के साथ वॉटर कैनन और लाठीचार्ज के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा हो रही है और उनके लौटने के बाद स्टाइपेंड पर फैसला होगा। हालांकि, इंटर्न डॉक्टर लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं।

Bhopal Doctors Protest
दवा जहरीली, शराब जहरीली, पानी जहरीला...सागर शराबकांड पर राहुल गांधी का MP सरकार पर बड़ा हमला

वॉटर कैनन से डॉक्टर घायल होने की जांच शुरू

प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन के इस्तेमाल और डॉक्टरों के घायल होने के मामले में निष्पक्ष जांच शुरू हो गई है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने डीसीपी जोन-2 विकास सहवाल को जांच अधिकारी बनाया है। जांच अधिकारी सभी पक्षों को सुनकर रिपोर्ट पुलिस कमिश्नर को सौंपेंगे। अब डॉक्टरों की नजर सरकार के फैसले और जांच रिपोर्ट पर है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com