भोपाल:इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी, प्रदेशभर में OPD बंद, पुलिस कमिश्नर ने दिए वॉटर कैनन यूज की जांच के आदेश

Junior Doctors Protest : मध्य प्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर MBBS इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन जारी है। प्रदेशभर में OPD बंद है, जबकि भोपाल में चक्काजाम से ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
Bhopal MBBS Interns Protest
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शनफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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MBBS Intern Doctor Protest : एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार सुबह से शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार को भी जारी है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नियमित ओपीडी बंद कर दी है। वहीं, भोपाल में डॉक्टर रातभर से कमला पार्क की सड़क पर धरने पर बैठे हैं और चक्काजाम कर विरोध जता रहे हैं। आंदोलन के कारण नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं। इधर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने वॉटर कैनन के उपयोग के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।

भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इंटर्न डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान 7 सितंबर को हमीदिया अस्पताल के गेट के पास पुलिस द्वारा वॉटर कैनन के इस्तेमाल और इसमें कुछ डॉक्टरों के घायल होने के मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं।

पुलिस उपायुक्त विकास सहवाल करेंगे जांच

आदेश में कहा गया है कि उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल द्वारा मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए पुलिस उपायुक्त जोन-2 विकास सहवाल को जांचकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी सभी पक्षों को सुनकर जांच प्रतिवेदन जल्द से जल्द पुलिस आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

Police Comissioner Order
डॉक्टरों पर वॉटर कैनन के उपयोग मामले में पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेशफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

प्रदेशभर में OPD बंद, इंदौर-रतलाम में भी असर

इंटर्न डॉक्टरों के ओपीडी बहिष्कार का असर भोपाल के साथ इंदौर, रतलाम सहित प्रदेश के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों ने नियमित सेवाओं से खुद को अलग रखा है, जबकि इमरजेंसी मरीजों के इलाज को जारी रखा गया है। हमीदिया अस्पताल में नियमित ओपीडी पूरी तरह बंद है और रेजिडेंट डॉक्टरों ने इलेक्टिव ओटी का भी बहिष्कार किया है। इससे इलाज और जांच के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

भोपाल में रातभर धरना, कमला पार्क पर चक्काजाम

भोपाल में इंटर्न डॉक्टर सोमवार रात से ही कमला पार्क की सड़क पर डटे हुए हैं। मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि सोमवार को प्रदर्शन के दौरान वॉटर कैनन और लाठीचार्ज की कार्रवाई से वे नाराज हैं। अब वे चाहते हैं कि सरकार के साथ उनकी मांगों पर आधिकारिक बातचीत हो और डिप्टी सीएम या स्वास्थ्य मंत्री खुद धरना स्थल पर पहुंचकर उनसे चर्चा करें। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

हमीदिया में एक गेट से एंट्री, मरीजों की बढ़ी परेशानी

हमीदिया अस्पताल में प्रदर्शन के चलते तीन गेट में से फिलहाल सिर्फ गेट नंबर-2 खुला है। इमरजेंसी गेट बंद होने के कारण इमरजेंसी मरीजों को भी इसी गेट से प्रवेश करना पड़ रहा है। अस्पताल में ओपीडी बंद होने और इलेक्टिव ओटी के बहिष्कार के चलते मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हो रही है। अस्पताल के बाहर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है।

रोशनपुरा से रॉयल मार्केट तक जाम

कमला पार्क में चक्काजाम का असर आसपास के ट्रैफिक पर भी पड़ा है। रोशनपुरा से रॉयल मार्केट तक जाम की स्थिति बन गई है। ट्रैफिक पुलिस ने आवाजाही सामान्य रखने के लिए कई जगह डायवर्जन किए हैं। वाहनों को जहांगीराबाद वाले रूट से निकाला जा रहा है। वहीं, राजा भोज ब्रिज पर एक ही रूट से दोनों तरफ का ट्रैफिक संचालित किया जा रहा है। इस सड़क पर सामान्य दिनों में करीब 5 हजार वाहन प्रतिदिन गुजरते हैं, जबकि पीक ऑवर में यह संख्या 8 से 10 हजार तक पहुंच जाती है।

CM हाउस जाने वाले रास्ते बंद, पुलिस बल तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सीएम हाउस की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी है। कमला पार्क, हमीदिया अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है, वहीं डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से औपचारिक बातचीत नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

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इंटर्न डॉक्टरों की चार प्रमुख मांगें

इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने, मांगों पर सरकार की ओर से आधिकारिक बातचीत करने और डिप्टी सीएम के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा सोमवार को हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी डॉक्टरों की नाराजगी दूर करने और कार्रवाई की स्थिति पर बातचीत की मांग की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार ने जल्द पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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