

Madhya Pradesh Travel Mart 2026 : भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट-2026 के जरिए प्रदेश में पर्यटन निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 अक्टूबर को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन्यजीव, ऐतिहासिक धरोहरों और आध्यात्मिक पर्यटन के लिहाज से असीम संभावनाओं का केंद्र है। राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, त्वरित अनुमतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों को हरसंभव सहयोग देगी। कार्यक्रम के दौरान पर्यटन अधोसंरचना, होटल-रिसॉर्ट, धरोहर संरक्षण, फिल्म पर्यटन और कौशल विकास से जुड़े कई एमओयू हुए।
निवेश संवर्धन के तहत सीहोर जिले के रामगढ़ में ए.आर.एम. फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ 848.40 करोड़ रुपये के निजी निवेश का एमओयू हुआ। इसके तहत गोल्फ कोर्स, होटल विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लक्जरी होटल परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। कंपनी के चेयरमैन एवं निदेशक अतुल अग्रवाल ने कंपनी का प्रतिनिधित्व किया। परियोजना से करीब 920 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
वन-टू-वन बैठकों में हॉस्पिटैलिटी और लक्जरी रिसॉर्ट क्षेत्र में भी बड़े निवेश प्रस्ताव आए। एटमॉस्फियर ग्रुप ने उज्जैन, इंदौर और प्रमुख वन्यजीव सर्किटों में लक्जरी हॉस्पिटैलिटी विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई। रेनी ग्रुप ने मांडू की ऐतिहासिक लुनेरा सराय को 130 करोड़ रुपये से ‘वेलकमहोटल बाय आईटीसी’ के रूप में विकसित करने, खजुराहो में 125 करोड़ रुपये के वॉटरफ्रंट रिसॉर्ट और सीधी में 35 करोड़ रुपये के ‘स्टोरी बाय आईटीसी’ सहित 290 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव रखे।
सर्व ग्रुप ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र में 40 एकड़ में ‘ताज सफारीज’ के साथ 100 करोड़ रुपये के अल्ट्रा-लक्जरी वन्यजीव रिसॉर्ट और प्रदेश में कुल 300 करोड़ रुपये के निवेश की रूपरेखा रखी। एमआरवीएच रिसॉर्ट्स ने ओंकारेश्वर में 200 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ‘रमाडा रिसॉर्ट बाय विंडहैम’ को सिंहस्थ 2028 से पहले 2026 के अंत तक पूरा करने का प्रस्ताव रखा। कंपनी ने रातापानी, बांधवगढ़, पचमढ़ी और मढ़ई में 150 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की योजना भी बताई।
रामको ग्रुप की जेकेआर हॉस्पिटैलिटी ने कान्हा, कूनो, पेंच, रानी दुर्गावती, संजय डुबरी, रातापानी, बांधवगढ़ और पन्ना में 120 से 140 करोड़ रुपये के सतत वन्यजीव रिसॉर्ट विकसित करने की योजना प्रस्तुत की। वहीं वराय होटल्स ने उज्जैन के ब्रजराजखेड़ी में 80 करोड़ रुपये के होटल प्रोजेक्ट, जबकि इवॉल्व बैक ग्रुप ने मांडू में 50 करोड़ रुपये से अधिक के रिसॉर्ट प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई। अनाशविश टाइगर कैंप ने ‘द लीला’ के साथ कान्हा और सतपुड़ा में लक्जरी परियोजनाओं पर चर्चा की।
पर्यटन विकास के लिए कई संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए। स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के साथ ओरछा के ऐतिहासिक परिसर की समेकित प्रबंधन योजना तैयार करने पर समझौता हुआ। भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर के साथ पर्यटक वाहन चालकों के आरपीएल प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए एमओयू किया गया। पहले चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। द्रोणह के साथ ओरछा परिसर के पर्यावरण, लैंडस्केप और संरक्षण योजना पर भी समझौता हुआ।
ट्रैवल मार्ट में फिल्म पर्यटन और सांस्कृतिक प्रचार को लेकर भी चर्चा हुई। ‘द वायरल फीवर’ के संस्थापक अरुणाभ कुमार ने ‘पंचायत’ और ‘गुल्लक’ जैसी वेब सीरीज की शूटिंग का उल्लेख करते हुए मध्यप्रदेश को फिल्म हब के रूप में विकसित करने पर विचार रखे। अभिनेता अन्नू कपूर ने सिनेमा के जरिए सांस्कृतिक धरोहरों के प्रचार पर सुझाव दिए, जबकि सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार ने डेस्टिनेशन आधारित फूड टूरिज्म विकसित करने पर जोर दिया। एडवेंचर टूरिज्म, एमआईसीई और तकनीकी नवाचार को लेकर भी निवेशकों और विशेषज्ञों ने प्रस्ताव रखे।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने विभिन्न जिलों में नई पर्यटन परियोजनाओं के लिए निवेशकों और उद्यमियों को लेटर ऑफ अवॉर्ड भी प्रदान किए। इनमें ओरछा, बैतूल, नीमच, मंदसौर, गांधी सागर, रायसेन, सागर, सीहोर, उज्जैन और पन्ना में रिसॉर्ट, होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, इको-टूरिज्म और हेरिटेज होटल परियोजनाएं शामिल हैं। खजुराहो-पन्ना, जबलपुर-भोपाल और उज्जैन-मक्सी मार्ग पर वे-साइड एमिनिटीज विकसित करने के लिए भी अनुबंध पत्र दिए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भूमि आवंटन, अधोसंरचना और जरूरी अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि एमओयू, निवेश प्रस्ताव और लेटर ऑफ अवॉर्ड के जरिए प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई मिलेगी। सरकार का जोर पर्यटन स्थलों के विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी है। तकनीक के क्षेत्र में पर्यटन स्थलों पर एआई आधारित सहायक तैनात करने जैसे प्रस्ताव भी सामने आए, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में काम किया जाएगा।