MP News: ग्वालियर और उज्जैन में ₹1000 के पार पहुंचा LPG का दाम; जानिए आपके शहर में अब कितने का मिलेगा सिलेंडर

Gas Cylinder New Rates: एमपी में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा हो गया है। भोपाल में नई कीमत ₹947.50 हुई, जबकि ग्वालियर में दाम ₹1000 के पार, तेल कंपनियों ने बताया घाटा।
Household Kitchen Budget Inflation
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- एआई जनरेटेड)
Published on
Updated on

LPG Cylinder Price Hike In Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के उपभोक्ताओं को घरेलू रसोई गैस के मोर्चे पर एक और झटका लगा है। राज्य में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है।

नई दरें रविवार, 7 जून से लागू हो गई हैं। राजधानी भोपाल में अब घरेलू गैस सिलेंडर 918.50 रुपए के बजाय 947.50 रुपए में मिलेगा। कीमतों में वृद्धि का असर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में देखने को मिल रहा है, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

ग्वालियर में सिलेंडर 1000 रुपए के पार

प्रदेश के बड़े शहरों में गैस सिलेंडर की नई कीमतें अलग-अलग हैं। ग्वालियर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 1025 रुपए हो गई है, जिससे यह 1000 रुपए का आंकड़ा पार कर गया है। वहीं उज्जैन में उपभोक्ताओं को अब 1001 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। इंदौर में इसकी कीमत 970 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि जबलपुर में उपभोक्ताओं को 919 रुपए चुकाने होंगे। बढ़ी हुई कीमतों के बाद कई परिवारों की मासिक रसोई लागत में इजाफा होना तय माना जा रहा है।

तीन महीने में दूसरी बार बढ़े घरेलू गैस के दाम

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में पिछले तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले मार्च में सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ाए गए थे। ताजा बढ़ोतरी के बाद तीन महीने के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर कुल 110 रुपए महंगा हो चुका है। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा लागत बढ़ने और घरेलू बिक्री पर होने वाले नुकसान के कारण कीमतों में संशोधन करना आवश्यक हो गया था। इससे पहले भी सरकार और तेल कंपनियां लागत और सब्सिडी के बीच संतुलन बनाने की बात कहती रही हैं।

कंपनियों ने बढ़ती लागत को बताया वजह

सूत्रों के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों का दावा है कि प्रत्येक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर उन्हें लगभग 703 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा था। हालांकि हालिया मूल्य वृद्धि के बाद भी इस नुकसान की केवल आंशिक भरपाई ही हो सकेगी।

एलपीजी के अलावा पिछले कुछ सप्ताह में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों की बढ़ती कीमतों का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है और उसका एक हिस्सा तेल कंपनियां स्वयं वहन कर रही हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com