विभाग वापस लिए जाने के बाद भी ‘आनंद’ में लखन पटेल, पहली बार तोड़ी चुप्पी; राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
Lakhan Patel Big Statement: पशुपालन विभाग छीने जाने पर पहली बार बोले मंत्री लखन पटेल, कहा- 'विभाग देना या लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार, मैं आनंद में हूं।' CM मोहन यादव ने फिलहाल अपने पास रखा विभाग।
- Reported By: शिवम दत्त तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
लखन पटेल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Lakhan Patel Statement After Losing Ministerial Portfolio: मध्य प्रदेश सरकार में हाल ही में हुए विभागीय फेरबदल के बाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस लिए जाने को लेकर पहली बार मंत्री लखन पटेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने विभाग हटाए जाने की वजह स्पष्ट नहीं की।
उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। विपक्ष भी इस फैसले को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
विभाग हटाने पर बोले- यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार
मीडिया से बातचीत के दौरान जब मंत्री लखन पटेल से पूछा गया कि आखिर उनसे पशुपालन एवं डेयरी विभाग क्यों वापस लिया गया, तो उन्होंने किसी भी तरह की अटकलों पर टिप्पणी करने से बचते हुए कहा, “मंत्री पद देना या वापस लेना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस निर्णय पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने विभाग बदले जाने के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया, जिससे राजनीतिक चर्चाओं को और बल मिला है।
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‘मैं आनंद में हूं’ बयान बना चर्चा का विषय
बातचीत के दौरान मंत्री लखन पटेल का एक बयान सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं आनंद में हूं।” दरअसल, विभागीय फेरबदल के बाद उनके पास अब आनंद विभाग का प्रभार है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह आनंद विभाग के मंत्री हैं, इसलिए आनंद में हैं। उनके इस हल्के-फुल्के जवाब ने माहौल को सहज जरूर बनाया, लेकिन इससे यह सवाल अनुत्तरित ही रह गया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग उनसे अचानक क्यों वापस लिया गया।
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सीएम ने फिलहाल अपने पास रखा विभाग, फैसले पर टिकी निगाहें
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस लेने के बाद फिलहाल यह विभाग अपने पास ही रखा है। इसके बाद से राजनीतिक हलकों में लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी किसी नए मंत्री को सौंपी जाएगी या मुख्यमंत्री स्वयं इसकी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई नई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर लिए जाने वाले फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
