मानसून सत्र का तीसरा दिन: केन-बेतवा परियोजना पर गरमाया सदन, मुआवजे को लेकर सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

Ken Betwa Project Compensation: विधानसभा में केन-बेतवा परियोजना के मुआवजे और पुनर्वास का मुद्दा गरमाया। उमंग सिंघार ने विसंगतियों के आरोप लगाए, जबकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोबारा जांच का भरोसा दिया।
MP Assembly Monsoon Session
काली पट्टी बांधकर आए कांग्रेस विधायक (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Assembly Monsoon Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज तीसरा दिन हंगामेदार रहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस विधायक हाथों में काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जताया।

कांग्रेस विधायकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सदन के बाहर और भीतर विरोध प्रदर्शन किया। उमंग सिंघार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

केन-बेतवा परियोजना पर फिर उठा विवाद

सदन में केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा फिर गरमा गया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि पन्ना जिले में अब केवल दो परिवारों को मुआवजा दिया जाना बाकी है। इस पर उमंग सिंघार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि 638 परिवार अब भी पुनर्वास सूची से बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में कई विसंगतियां हैं और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

“गांव में रहने वाले परिवारों को अब भी इंतजार”

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो लोग गांव में नहीं रहते, उन्हें 8 से 10 करोड़ रुपये तक का मुआवजा मिल गया, जबकि गांव में रहने वाले कई पात्र परिवार अब भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों का जबरन विस्थापन कराया जा रहा है और विरोध करने पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जांच का दिया भरोसा

उमंग सिंघार ने मांग की कि जांच पूरी होने तक विस्थापन की कार्रवाई रोकी जाए। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यदि मुआवजा वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी या विसंगति हुई है तो सरकार पूरे मामले की दोबारा जांच कराएगी।

सरकार ने दिए आंकड़े

मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि पन्ना जिले के सात गांवों के 1,321 परिवारों को पुनर्वास पैकेज के तहत प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये दिए गए हैं। वहीं छतरपुर जिले में पहले 3,080 परिवारों को पुनर्वास लाभ मंजूर किया गया था। बाद में गांव-गांव सर्वे के बाद 638 अतिरिक्त परिवारों को भी निर्धारित राशि स्वीकृत की गई।

सदन में पूरी जानकारी रखने की मांग

उमंग सिंघार ने पूछा कि अभी कितने प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिलना बाकी है। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी सदन के पटल पर रखने की मांग की। मंत्री ने अध्यक्ष के निर्देशानुसार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही।

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