राजस्थान कोर्ट के आदेश से MP में सियासी भूचाल: कमलनाथ बोले– प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त
Kamalnath Statement : पूर्व सीएम कमलनाथ ने MP पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। राजस्थान की कोर्ट द्वारा MP के पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश के मामले में सवाल उठाए हैं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Kamalnath Attacks On BJP Government : राजस्थान की एक अदालत द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है।
कमलनाथ ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है और अब खुद पुलिस की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में है।
कमलनाथ का सरकार पर करारा हमला
अदालत के इस फैसले को हथियार बनाकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा जिस पुलिस व्यवस्था पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही अब दूसरे राज्य की अदालत के कठघरे में खड़ी है। जो सरकार पीठ थपथपा रही थी, उसे अब जवाब देना चाहिए कि कानून के रक्षक ही भक्षक क्यों बनते जा रहे हैं? मध्य प्रदेश में पुलिस व्यवस्था की साख पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
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अधिकारियों में हड़कंप, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
राजस्थान कोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय से लेकर आगर-मालवा तक हड़कंप मचा हुआ है। दो थाना प्रभारियों सहित करीब 100 पुलिसकर्मियों पर कानूनी तलवार लटकने के कारण अब विभाग के आला अधिकारी इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर आने वाले दिनों में सरकार को और घेरने की रणनीति बना रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद इस साल 28 जनवरी को हुई एक पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। उस समय मध्य प्रदेश की आगर-मालवा जिला पुलिस की एक बड़ी टीम (जिसमें करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल बताए गए थे) ने राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में एक बड़ी दबिश दी थी। इस कार्रवाई के बाद आगर-मालवा पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने राजस्थान की सीमा के भीतर चल रही एक अवैध नशीले पदार्थों (ड्रग्स) की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इसे अपनी एक बड़ी कामयाबी के रूप में पेश किया था।
अदालत ने कार्रवाई को माना संदिग्ध
पुलिस की इस कथित सफलता पर उस वक्त गंभीर सवाल खड़े हो गए जब यह मामला राजस्थान की अदालत में पहुंचा। अदालत ने मामले की गहन जांच और साक्ष्यों को देखने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस की इस पूरी कार्रवाई को संदिग्ध और नियमों के खिलाफ माना।
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कोर्ट ने जारी किया FIR का आदेश
कोर्ट ने पाया कि कार्रवाई के दौरान तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। इसी आधार पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस कार्रवाई में शामिल दो थाना प्रभारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।
