

MP Transfer policy 2026: मध्य प्रदेश में तबादला अवधि नजदीक आते ही अलग-अलग विभागों में हलचल तेज हो गई है। विभागाध्यक्षों ने तबादला नीति जारी करने के साथ ही जिलों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण, जल संसाधन, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं।
मोहन कैबिनेट के फैसले के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को राज्य और जिला संवर्ग स्तर के तबादलों की नीति जारी की थी। इसमें विभागों को ऑनलाइन आवेदन मंगाने और अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर तबादले करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि तय लक्ष्यों को पूरा नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का तीन साल से पहले भी प्रशासनिक आधार पर तबादला किया जा सकेगा।
ट्रांसफर पॉलिसी के मुताबिक जल संसाधन विभाग ने इंजीनियरों और कर्मचारियों की वर्तमान पदस्थापना, अतिरिक्त प्रभार, गृह जिला, सेवानिवृत्ति तिथि और वेतन आहरण कार्यालय की जानकारी मांगी है। विभाग ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का पूरा डाटा शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।
उधर स्कूल शिक्षा विभाग ने एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर हर विद्यालय में विषयवार पदस्थ शिक्षकों का ब्यौरा अपडेट करने को कहा है। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मृत या सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम सूची से हटाए जाएं, ताकि तबादलों के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रह सके। लोक शिक्षण आयुक्त 30 मई को इसकी जिलावार समीक्षा करेंगे।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के तबादले फरवरी 2027 तक नहीं किए जाएंगे। ऐसे शिक्षकों की संख्या 58 हजार से अधिक बताई जा रही है। इन सभी की जानकारी एक जून तक पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने संविदा कर्मचारियों के स्वैच्छिक तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। आवेदन 2 जून तक किए जा सकेंगे। विभाग ने तबादले के लिए तीन माह की सार्थक एप उपस्थिति अनिवार्य की है। साथ ही ग्रामीण से ग्रामीण और शहरी से शहरी क्षेत्र में ही स्थानांतरण की अनुमति होगी।
इधर पुलिस मुख्यालय ने भी भोपाल और इंदौर पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि आरक्षक से लेकर सब इंस्पेक्टर तक के कर्मचारियों के तबादले 5 जून तक किए जाएं। किसी भी कर्मचारी की एक थाने में पांच साल से अधिक पोस्टिंग नहीं रहने देने और एक ही पुलिस अनुविभाग में दस साल से ज्यादा समय तक पदस्थ नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं।